
दुर्ग न्यूज़ धमाका – छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में एक संवेदनशील और मानवीय पहलू की मिसाल देखने को मिली, जब सड़क हादसे में जान गंवाने वाले पुलिस आरक्षक उपेंद्र कुमार तिवारी की माता एवं नामिनी चंद्रकांति तिवारी को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा चेक सौंपा गया।
यह चेक पुलिस सैलेरी पैकेज दुर्घटना मृत्यु दावा के अंतर्गत प्रदान किया गया, जिसे पुलिस विभाग और भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के बीच किए गए समझौते (MoU) के तहत लागू किया गया था।
26 दिसंबर 2024 को हुआ था हादसा
आरक्षक क्रमांक 1724 उपेंद्र कुमार तिवारी, दुर्ग जिला पुलिस बल में पदस्थ थे। दिनांक 26 दिसंबर 2024 को एक दुखद सड़क दुर्घटना में उनका असामयिक निधन हो गया था। इस घटना के बाद पुलिस विभाग ने एसबीआई के माध्यम से दुर्घटना मृत्यु क्लेम की प्रक्रिया शुरू की।
SSP और SBI अधिकारियों ने सौंपा चेक
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) विजय अग्रवाल, एसबीआई के क्षेत्रीय प्रबंधक रूपक मंडल और दुर्ग शाखा प्रबंधक राहुल मोदी की उपस्थिति में आरक्षक की माता एवं नामिनी को 1 करोड़ रुपये का चेक सौंपा गया। यह राशि मृतक पुलिसकर्मी के परिवार को वित्तीय संबल देने के उद्देश्य से प्रदान की गई है।
क्या है पुलिस सैलेरी पैकेज योजना?
SBI द्वारा पुलिस विभाग के कर्मचारियों के लिए विशेष पुलिस सैलेरी पैकेज की सुविधा दी जाती है, जिसमें सड़क दुर्घटना, स्थायी पूर्ण विकलांगता या आंशिक विकलांगता की स्थिति में आर्थिक सहायता का प्रावधान है। इस योजना के तहत दुर्घटना में मौत होने की स्थिति में अधिकतम 1 करोड़ रुपये तक का बीमा क्लेम दिया जा सकता है।
SSP ने जताई संवेदना, बैंक ने जताया साथ निभाने का संकल्प
इस अवसर पर एसएसपी विजय अग्रवाल ने दिवंगत आरक्षक को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि “पुलिस बल अपने प्रत्येक जवान के साथ खड़ा है, और यह सहायता उनके परिवार के प्रति हमारी जिम्मेदारी का हिस्सा है।”
एसबीआई अधिकारियों ने भी आश्वासन दिया कि भविष्य में भी इस प्रकार के मामलों में बैंक तत्परता से कार्य करता रहेगा।



