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दंतेवाड़ा में 12 नक्सलियों ने किया सरेंडर, 8 लाख की इनामी चंद्रना भी शामिल | तीन महिला नक्सलियों ने भी डाले हथियार

12 Naxalites surrendered before the SP

दंतेवाड़ा न्यूज धमाका – छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा जिले में चल रहे “लोन वर्राटू (घर वापसी)” अभियान के तहत एक बार फिर बड़ी सफलता हाथ लगी है। सोमवार को 12 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया, जिनमें 8 लाख रुपये की इनामी महिला नक्सली चंद्रना समेत तीन महिला नक्सली भी शामिल हैं।

एसपी गौरव रॉय के समक्ष सरेंडर

सभी नक्सलियों ने दंतेवाड़ा पुलिस अधीक्षक (SP) गौरव रॉय के समक्ष आत्मसमर्पण किया। पुलिस के अनुसार, इन नक्सलियों का संबंध विभिन्न आरपीसी (रीजनल पार्टी कमेटी) से था और ये कई नक्सली गतिविधियों, जैसे कि बंद के दौरान सड़कें खोदना, पेड़ काटना, पर्चे-बैनर लगाना आदि, में सक्रिय थे।

अब तक 1005 नक्सली सरेंडर

पुलिस प्रशासन के अनुसार, लोन वर्राटू अभियान के तहत अब तक 1005 नक्सली आत्मसमर्पण कर चुके हैं, जिनमें से 205 इनामी नक्सली रहे हैं। यह छत्तीसगढ़ सरकार और सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

बीते महीने भी 7 नक्सलियों ने किया था आत्मसमर्पण

जून माह में भी इसी अभियान के तहत 7 नक्सलियों ने सरेंडर किया था, जिनमें 2 इनामी माओवादी शामिल थे। इनमें जुगलू उर्फ सुंडुम कोवासी और दशा उर्फ बुरकू पोड़ियाम प्रमुख थे, जिन पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित था।

नक्सली घटनाओं में थे शामिल

सरेंडर करने वाले नक्सली बोदली, उतला, पोमरा, बेचापाल, डुंगा और पल्लेवाया आरपीसी क्षेत्रों में सक्रिय थे। इन पर सुरक्षा बलों को निशाना बनाने, सड़क अवरुद्ध करने और प्रचार सामग्री फैलाने जैसे आरोप हैं।


‘लोन वर्राटू’ अभियान क्या है?

लोन वर्राटू, गोंडी भाषा में जिसका अर्थ है “घर वापस आओ”, दंतेवाड़ा पुलिस द्वारा चलाया गया पुनर्वास अभियान है। इसका उद्देश्य मुख्यधारा से भटके युवाओं को पुनः समाज से जोड़ना है। इस अभियान की सफलता से क्षेत्र में शांति बहाली की उम्मीद जगी है।

Chhattisgarh News Dhamaka Team

अमन चीफ एडिटर - छत्तीसगढ़ न्यूज़ धमाका // प्रदेश उपाध्यक्ष, छग जर्नलिस्ट वेलफेयर यूनियन छत्तीसगढ // ; हरिभूमि ब्यूरो चीफ जिला कोंडागांव // 18 सालो से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। विश्वसनीय, सृजनात्मक व सकारात्मक पत्रकारिता में विशेष रूचि। कृषि, वन, शिक्षा; जन जागरूकता के क्षेत्र की खबरों को हमेशा प्राथमिकता। जनहित के समाचारों के लिये तत्परता व् समर्पण// जरूरतमंद अनजाने की भी मदद कर देना पहली प्राथमिकता

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