

कोण्डागांव न्यूज धमाका – तहसीलदार पर गंभीर आरोप, संघ ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
कार्य समय में किया गया अपमानजनक व्यवहार
25 जुलाई को तहसील कार्यालय में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 महिला कर्मचारी पोषण उसेंडी के साथ तहसीलदार मनोज रावटे द्वारा सार्वजनिक रूप से अपशब्द कहे जाने और शाखा से बाहर निकालने की कोशिश की गई।
“तेरा क्या काम है…”—तहसीलदार की कथित टिप्पणी
ज्ञापन में दावा किया गया है कि तहसीलदार ने कहा—
“तेरा क्या काम है, तेरा ट्रैक रिकॉर्ड अच्छा नहीं है, तू लोगों को जेल भेजती है।”
यह टिप्पणी कई कर्मचारियों के सामने की गई, जिससे पीड़िता की गरिमा को ठेस पहुंची।
संघ ने जताई नाराजगी, मांगा 7 दिन में जवाब
प्रादेशिक लिपिक वर्गीय शासकीय कर्मचारी संघ ने इसे पूरे वर्ग के सम्मान का मुद्दा बताया।
संघ के जिलाध्यक्ष राजकुमार मंडावी ने स्पष्ट कहा कि यदि 7 दिन में उचित कार्रवाई नहीं हुई, तो सभी तहसीलों के कर्मचारी मिलकर धरना-प्रदर्शन करेंगे।
सिर्फ एक महिला का नहीं, पूरे वर्ग का सम्मान दांव पर
संघ ने चेताया कि यह मामला सिर्फ एक कर्मचारी का नहीं, बल्कि पूरे लिपिक वर्ग की सुरक्षा और गरिमा से जुड़ा है।
यदि दोषी पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और उग्र रूप लेगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
प्रशासन ने लिया संज्ञान, जांच का दिया भरोसा
- कलेक्टर कार्यालय ने ज्ञापन प्राप्त होने की पुष्टि की है।
- मामले की प्राथमिक जांच के निर्देश दिए गए हैं।
- तहसीलदार मनोज रावटे से संपर्क नहीं हो सका, उनका पक्ष फिलहाल नहीं मिल पाया है।
दफ्तर का माहौल तनावपूर्ण
घटना के बाद से तहसील कार्यालय में तनाव का माहौल बना हुआ है।
कर्मचारी असमंजस और असुरक्षा की भावना में काम कर रहे हैं।



