छतीसगढ़सुकमा

सुकमा में पांच नक्सलियों ने किया सरेंडर, सरकार की पुनर्वास नीति का असर

पांच नक्सलियों ने किया सरेंडर, सरकार की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर छोड़ा हिंसा का रास्ता

सुकमा न्यूज धमाका – छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में लंबे समय से सक्रिय पांच नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया है। भाजपा सरकार की पुनर्वास नीति और पुलिस की लगातार अपीलों से प्रभावित होकर उन्होंने हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में जुड़ने का निर्णय लिया।


जगरगुंडा और चिंतलनार इलाके में थे सक्रिय

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सरेंडर करने वाले सभी नक्सली जगरगुंडा और चिंतलनार क्षेत्र में नक्सली गतिविधियों में शामिल थे। इनके खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज थे। आत्मसमर्पण के बाद सभी को सरकार की पुनर्वास योजना के तहत सहायता राशि, सुरक्षा और जीवन जीने के लिए जरूरी संसाधन प्रदान किए गए हैं।


एसपी सुकमा का बयान

सुकमा पुलिस अधीक्षक (SP) ने बताया:

“सरकार की नीतियों से प्रभावित होकर अब नक्सली हिंसा से तंग आकर वापस लौट रहे हैं। यह प्रशासन की बड़ी कामयाबी है। आत्मसमर्पण करने वालों को पूरी सुरक्षा और पुनर्वास सुविधा दी जा रही है।”


पुनर्वास नीति क्या है?

छत्तीसगढ़ सरकार की पुनर्वास नीति के तहत:

  • आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को आर्थिक सहायता
  • कौशल विकास प्रशिक्षण
  • शिक्षा और रोजगार के अवसर
  • सुरक्षित आवास की सुविधा प्रदान की जाती है।

लगातार हो रहे सरेंडर

इससे पहले भी बस्तर, बीजापुर और दंतेवाड़ा जैसे नक्सल प्रभावित जिलों में दर्जनों नक्सली आत्मसमर्पण कर चुके हैं। इससे यह साफ संकेत मिल रहा है कि सरकार की नीति और पुलिस-प्रशासन का संयमित दृष्टिकोण रंग ला रहा है।

Chhattisgarh News Dhamaka Team

अमन चीफ एडिटर - छत्तीसगढ़ न्यूज़ धमाका // प्रदेश उपाध्यक्ष, छग जर्नलिस्ट वेलफेयर यूनियन छत्तीसगढ // ; हरिभूमि ब्यूरो चीफ जिला कोंडागांव // 18 सालो से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। विश्वसनीय, सृजनात्मक व सकारात्मक पत्रकारिता में विशेष रूचि। कृषि, वन, शिक्षा; जन जागरूकता के क्षेत्र की खबरों को हमेशा प्राथमिकता। जनहित के समाचारों के लिये तत्परता व् समर्पण// जरूरतमंद अनजाने की भी मदद कर देना पहली प्राथमिकता

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!