
रायपुर न्यूज धमाका – छत्तीसगढ़ में नकली होलोग्राम शराब घोटाले के बावजूद, राज्य में यह अवैध कारोबार थमता नजर नहीं आ रहा है। आबकारी विभाग ने रविवार को रायपुर जिले के अभनपुर थाना क्षेत्र में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 25.92 बल्क लीटर नकली होलोग्राम युक्त देशी शराब जब्त की है। एक आरोपी को मौके से गिरफ्तार किया गया है।
कार से नकली शराब की तस्करी
जानकारी के अनुसार, मनीराम टंडन नामक आरोपी ग्रैंड i10 कार (CG04MZ5272) में शराब की खेप लेकर ग्राम चंडी में बिक्री कर रहा था। सूचना मिलने पर आबकारी विभाग की टीम ने छापेमारी की और आरोपी को गिरफ्तार किया। जब्त शराब की अनुमानित बाजार कीमत लगभग 14,400 रुपये आंकी गई है। इस पर नकली होलोग्राम स्टीकर लगे हुए थे, जिनमें से कई पर “शोले ब्रांड” के नकली लेबल भी पाए गए।
मामले में आबकारी विभाग ने छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की कई धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
घोटाले की पृष्ठभूमि: बार-बार उजागर हो रही संगठित साजिश
यह कोई पहला मामला नहीं है। पिछले तीन महीनों में यह दूसरी बड़ी घटना है जब नकली होलोग्राम से शराब बेचने का प्रयास पकड़ा गया। इससे पहले:
- 22 मार्च 2025 को रायपुर में एक ढाबे और प्रिंटिंग शॉप पर छापा मारकर 40,000 से अधिक नकली स्टीकर, शराब के लेबल और ढक्कन जब्त किए गए थे।
- 20 अप्रैल 2025 को बीरगांव में संकटमोचन नामक व्यक्ति के पास से 1460 नकली होलोग्राम, 1100 लेबल, और 105 बोतल ढक्कन बरामद किए गए थे।
जांच में खुलासा हुआ कि नकली होलोग्राम तैयार करने का कार्य भिलाई निवासी संदीप के लिए किया जा रहा था, जिसकी पहचान 2013-14 में सिलतरा स्थित शराब भट्टी में नौकरी के दौरान हुई थी।
कैसे काम करता है यह गिरोह?
पूरी साजिश को एक संगठित तंत्र के रूप में अंजाम दिया जा रहा है, जिसमें:
- अलग-अलग प्रिंटिंग शॉप से जाली टेम्पलेट्स तैयार कराए जाते हैं।
- होलोग्राम सीरियल नंबर के क्रम से छापे जाते हैं ताकि असली प्रतीत हों।
- गिरोह के सदस्य रेड की सूचना मिलते ही फरार हो जाते हैं, जैसे कि रंजीत गुप्ता और अन्य।
सरकार को हो रहा करोड़ों का नुकसान
जांच में पता चला है कि हर महीने करीब 30,000 नकली होलोग्राम स्टीकरों के उपयोग से राज्य सरकार को लगभग 24 लाख रुपये के राजस्व का नुकसान होता है।
2019 से 2023 के बीच, करीब 40 लाख पेटियों में नकली होलोग्राम लगाकर शराब बेची गई, जिससे 1660 करोड़ रुपये की अवैध कमाई हुई। यह घोटाला एक राजनीतिक, प्रशासनिक और कारोबारी गठजोड़ का परिणाम बताया गया है।
घोटाले से जुड़े बड़े नाम और गिरफ़्तारियां
इस मामले में ईडी द्वारा दायर चार्जशीट और एफआईआर में कई बड़े नामों का उल्लेख है:
- अनिल टुटेजा (IAS) – तत्कालीन संयुक्त सचिव
- अनवर ढेबर – व्यापारी और कांग्रेस से जुड़ा चेहरा
- कवासी लखमा – पूर्व आबकारी मंत्री
- अरुणपति त्रिपाठी – प्रबंध संचालक, CSMCL
- विधु गुप्ता – प्रिज्म होलोग्राफी कंपनी के मालिक (UP STF द्वारा गिरफ्तार)
इसके अलावा दर्जनों अन्य आबकारी अधिकारी, प्राइवेट कंपनियों के डायरेक्टर्स, और राजनीतिक-व्यापारी गठजोड़ के लोग भी जांच के दायरे में हैं। इनमें से कई आरोपी फिलहाल जेल में हैं, लेकिन इसके बावजूद नकली शराब और होलोग्राम का कारोबार जारी है — जो प्रशासन के लिए गंभीर चुनौती है।
अब तक की कार्रवाई:
✅ आबकारी विभाग द्वारा छापेमारी
✅ आरोपी मनीराम टंडन गिरफ्तार
✅ 25.92 लीटर शराब जब्त
✅ नकली होलोग्राम और लेबल जब्त
✅ केस दर्ज, जांच जारी
निष्कर्ष:
छत्तीसगढ़ में नकली शराब घोटाला अब केवल आर्थिक ही नहीं, बल्कि जन-स्वास्थ्य और कानून व्यवस्था से जुड़ा बड़ा सवाल बन चुका है। आबकारी विभाग की कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन जब तक पूरे सिंडिकेट को नष्ट नहीं किया जाता, ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति होती रहेगी।
