
रायपुर न्यूज धमाका – छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित 2161 करोड़ रुपये के शराब घोटाले में आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक चार्टर्ड अकाउंटेंट, उनका भाई और आबकारी विभाग के पूर्व ओएसडी अरविंद सिंह का भतीजा शामिल हैं।
घोटाले का पूरा मामला
साल 2019 से 2022 के बीच, राज्य में नकली होलोग्राम और बिना एक्साइज ड्यूटी दिए शराब की आपूर्ति कर सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचाया गया।
इसमें सरकारी शराब दुकानों से अवैध तरीके से महंगी ब्रांडेड अंग्रेजी शराब बेची गई।
अब तक के खुलासे:
- घोटाले से राज्य को 2161 करोड़ का नुकसान
- IAS अनिल टुटेजा, अनवर ढेबर, अरविंद सिंह समेत कई वरिष्ठ अधिकारी पहले ही गिरफ्तार
- 30 से अधिक आबकारी अधिकारियों को चार्जशीट किया गया
- अब तक 5 चार्जशीट, जिनमें से एक है 66 हजार पन्नों की
नए गिरफ्तार आरोपी
- संजय कुमार मिश्रा – पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट
- मनीष मिश्रा – संजय मिश्रा के भाई
- अभिषेक सिंह – आबकारी विभाग के पूर्व ओएसडी अरविंद सिंह का भतीजा
👉 आरोप है कि तीनों ने मिलकर “नेक्स्टजेन पावर” नामक कंपनी बनाकर FL-10 लाइसेंस के जरिए राज्य में महंगी शराब की अवैध आपूर्ति की।
👉 CA संजय मिश्रा ने इस पूरे रैकेट को वित्तीय परामर्श देकर वैधता देने की कोशिश की।
EOW की कार्रवाई
- पूछताछ के लिए पिछले दो दिनों से लगातार बुलाया जा रहा था
- 20 जुलाई को तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया
- परिजनों को दी गई सूचना
- आज विशेष न्यायालय में किया जाएगा पेश
EOW जल्द ही इस कार्रवाई को लेकर आधिकारिक प्रेस नोट जारी कर सकती है, जिसमें और नाम सामने आ सकते हैं।



