
बलरामपुर न्यूज धमाका – छत्तीसगढ़ के बलरामपुर ज़िले से शिक्षा जगत को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। पशुपतिपुर प्राथमिक शाला के शिक्षक लक्ष्मीनारायण सिंह शराब के नशे में क्लासरूम में बच्चियों के साथ डांस करते नजर आए। इसका वीडियो वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है।
क्लासरूम में डांस, हाथ में शराब की गंध
घटना वाड्रफनगर विकासखंड की है। वीडियो में शिक्षक लक्ष्मीनारायण सिंह शराब के नशे में झूमते हुए छात्राओं के साथ नाचते दिखाई दे रहे हैं। शिक्षण कार्य की बजाय नशे में मस्ती करना और छात्राओं के साथ इस प्रकार का व्यवहार सार्वजनिक आक्रोश का कारण बना है।
बच्चों ने लगाए गंभीर आरोप
जब घटना का वीडियो सामने आया और छात्रों से बात की गई तो उन्होंने बताया कि:
- शिक्षक अक्सर नशे की हालत में स्कूल आते हैं।
- कभी-कभी बच्चों के साथ मारपीट भी करते हैं।
- पढ़ाई में लापरवाही बरतते हैं और स्कूल की गरिमा को ठेस पहुंचाते हैं।
प्रशासन और शिक्षा विभाग ने जताई नाराज़गी
इस शर्मनाक मामले पर विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) मनीष कुमार ने कहा:
“यह व्यवहार शिक्षक जैसे जिम्मेदार पद के लिए अक्षम्य है। जांच के बाद कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”
वहीं क्षेत्रीय विधायक शकुंतला सिंह पोर्ते ने भी मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा:
“एक शिक्षक से समाज को दिशा देने की उम्मीद होती है, न कि उसे शर्मसार करने की। जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।”
शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना ने शिक्षा विभाग की निगरानी व्यवस्था, विद्यालयों में नियमित निरीक्षण और शिक्षकों की मानसिक स्थिति को लेकर गहरे सवाल खड़े किए हैं:
- क्या ग्रामीण स्कूलों में निरीक्षण केवल कागज़ी है?
- क्या समय-समय पर शिक्षकों के व्यवहारिक आचरण की जांच नहीं होनी चाहिए?
- बच्चों की सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य की ज़िम्मेदारी किसकी?
अब आगे क्या?
शिक्षा विभाग ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है, लेकिन सवाल यह है कि क्या यह कार्रवाई केवल खानापूर्ति तक सिमट जाएगी या व्यवस्था में ठोस बदलाव भी होगा?
वीडियो ने सोशल मीडिया पर मचाया बवाल
इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यूजर्स ने कड़ी निंदा करते हुए लिखा:
“शिक्षक अगर ऐसे होंगे तो देश का भविष्य कैसे सुरक्षित रहेगा?”
निष्कर्ष: शिक्षक नहीं, समाज का मार्गदर्शक होना चाहिए
यह घटना केवल एक स्कूल की नहीं, पूरी शिक्षा व्यवस्था की साख पर सवाल है। उम्मीद की जानी चाहिए कि शासन-प्रशासन इसपर सख्त और उदाहरणात्मक कदम उठाएगा, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।



