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छत्तीसगढ़ के गौरवशाली किसान डॉ. राजाराम त्रिपाठी को सौंपा गया प्रदेश का पहला महिंद्रा थार रॉक्स का सुपर टाप माडल

संयुक्त परिवार और कृषि जरूरतों के अनुरूप डॉ. त्रिपाठी ने चुनी अत्याधुनिक भारतीय एसयूवी,

रायपुर न्यूज धमाका रायपुर में आयोजित ऑटो एक्सपो के दौरान महिंद्रा के सुपर टॉप मॉडल 4×4 ऑटोमेटिक डीजल एसयूवी की चाबी छत्तीसगढ़ के प्रख्यात जैविक किसान डॉ. राजाराम त्रिपाठी को सौंपने का विशेष अवसर रहा। भिलाई के शिवनाथ ऑटोमोबाइल्स भिलाई के प्रमोटर्स श्याम गुप्ता, नंदकिशोर गुप्ता और मनीष गुप्ता ने थार राक्स के 5डोर आटोमेटिक फोर व्हीलर डीजल मॉडल की छत्तीसगढ़ में पहली गाड़ी सौंपते हुए इसकी विशिष्ट खूबियों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह पहली गाड़ी प्रदेश का नाम रोशन करने वाले डॉ. त्रिपाठी को सौंपते हुए गर्व की अनुभूति हो रही है। इस मौके पर प्रसिद्ध आरजे अविनेश ने डॉ. त्रिपाठी का संक्षिप्त साक्षात्कार लिया और उनकी इस गाड़ी के चुनाव के पीछे की वजह जानी।


संयुक्त परिवार और कृषि कार्यों को ध्यान में रखते हुए लिया फैसला:
डॉ. त्रिपाठी ने बताया कि उनका संयुक्त परिवार काफी बड़ा है, जिसमें उनके सात भाई और उनकी बहुएं-बेटे-बेटियां मिलाकर 45 से अधिक सदस्य हैं। ऐसे में बेहतर और सुविधाजनक परिवहन के लिए उनके पास कई भारतीय और विदेशी कारों का बेड़ा पहले से मौजूद है। उनके कारवां में लैंड रोवर, बीएमडब्ल्यू, मर्सिडीज, पजेरो, फॉर्च्यूनर, एक्सयूवी 500, टीयूवी, इलांट्रा ,,, वैगनआर,ब्रीजा,स्कॉर्पियो , आल्टो, सहित कई महिन्द्रा जीप 1984 का माडल भी शामिल हैं।आपकी सबसे पहली फोर व्हीलर कौन सी थी पूछने पर उन्होंने कहा यूट्यूब उन्होंने सबसे पहले फोर व्हीलर नहीं बल्कि सीधे 8 व्हीलर यानी ट्रैक्टर ट्राली से शुरुआत की थी, अगर पहले कार की बात करें तो मैंने सबसे पहले महिंद्रा की जीप मॉडल 1984 खरीदी थी, जिससे साथ ट्राली कि हमारे बहुत कम आती थी तो यूं कह सकते हैं कि हमारी पहली कर 6 पहिए वाली थी, जो आज भी हमने ठीक-ठाक हालत में करके रखी है, और अभी इसका रिनोवेशन जारी है, फिर इंडिका, फिर टाटा सफारी, टाटा इंडिगो, माटिज, होंडा सिटी आदि कई गाड़ियां उन्होंने चलाईं हैं।। लेकिन बस्तर के पहाड़ी और ग्रामीण इलाकों के खेत खलिहानों की सुगम यात्रा के लिए उन्होंने इस खास एसयूवी को चुना है।


भारत की तकनीकी प्रगति पर गर्व, इलेक्ट्रिक वाहनों के भविष्य पर भरोसा :
डॉ. त्रिपाठी ने बताया कि जब विदेशी मेहमान उनके खेतों में आते हैं, तो वे उन्हें भारतीय निर्मित गाड़ियों में घुमाना पसंद करते हैं, जिससे देश की तकनीकी ताकत का प्रदर्शन होता है। इसके अलावा, उन्होंने इलेक्ट्रिक वाहनों को भविष्य की जरूरत बताते हुए कहा कि महिंद्रा सहित कई कंपनियां पर्यावरण अनुकूल तकनीकों को बढ़ावा दे रही हैं।
महिंद्रा रिचेस्ट फार्मर ऑफ़ इंडिया (MFOF) अवार्ड 2023 से नवाजे गए हैं डॉ राजाराम त्रिपाठी त्रिपाठी:
यहां यह बताना भी लाजमी है कि महिंद्रा ट्रैक्टर्स तथा कृषि जागरण एवं आईसीएआर ICAR के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित देश के गौरवशाली ‘मिलेनियम फार्मर ऑफ इंडिया अवार्ड’ श्रंखला के तहत दिल्ली के आईसीएआर में आयोजित भव्य कार्यक्रम में भारत के कृषि मंत्री तथा कृषि-जागरण के संस्थापक श्री एमसी डोमिनिक, आईसीएआर के डायरेक्टर जनरल एवं शाइनी डोमिनिक तथा ममता जैन के हाथों डॉ त्रिपाठी को *’रिचेस्ट फार्मर ऑफ इंडिया अवार्ड’ भी प्रदान किया गया है।
मां दंतेश्वरी समूह अब केवल भारत निर्मित गाड़ियों कहीं करेगा उपयोग ‘
उन्होंने देसी और विदेशी विदेशी लगभग सभी गाड़ियां चलाई है और आज हम गर्व से कह सकते हैं किभारतीय गाड़ियां भी अब किसी भी विदेशी गाड़ी से किसी भी मायने में कमतर नहीं है। और उन्होंने तथा उनके समूह में निर्णय लिया है कि आगे भविष्य में वह केवल भारत निर्मित भारतीय गाड़ियों का ही उपयोग करेंगे। उन्होंने नए वाहन खरीदने वालों को सुझाव दिया कि वे अपनी जरूरत और बजट के अनुसार वाहन का चयन करें, न कि केवल विज्ञापन से प्रभावित होकर फैसला लें।

कार्यालय:डॉ.राजाराम त्रिपाठी
मां दंतेश्वरी हर्बल समूह।

Chhattisgarh News Dhamaka Team

अमन चीफ एडिटर - छत्तीसगढ़ न्यूज़ धमाका // प्रदेश उपाध्यक्ष, छग जर्नलिस्ट वेलफेयर यूनियन छत्तीसगढ // ; हरिभूमि ब्यूरो चीफ जिला कोंडागांव // 18 सालो से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। विश्वसनीय, सृजनात्मक व सकारात्मक पत्रकारिता में विशेष रूचि। कृषि, वन, शिक्षा; जन जागरूकता के क्षेत्र की खबरों को हमेशा प्राथमिकता। जनहित के समाचारों के लिये तत्परता व् समर्पण// जरूरतमंद अनजाने की भी मदद कर देना पहली प्राथमिकता

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