
रायपुर न्यूज धमाका – छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दिल्ली में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने छत्तीसगढ़ में रक्षा क्षेत्र के विकास, औद्योगिक विस्तार, और सेना भर्ती से जुड़े मुद्दों पर विशेष चर्चा की। इस अवसर पर केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्यमंत्री तोखन साहू भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने बैठक में बताया कि बिलासपुर के निकट भारतीय सेना को 2012 में सौंपी गई लगभग 1000 एकड़ भूमि वर्तमान में किसी सक्रिय परियोजना में उपयोग नहीं हो रही। उन्होंने सुझाव दिया कि इस भूमि का उपयोग रक्षा उत्पादन, अनुसंधान केंद्र या उपकरण निर्माण पार्क के लिए किया जाए, जिससे क्षेत्रीय विकास और युवाओं के रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
साय ने यह भी बताया कि छत्तीसगढ़ में कोई स्थायी सेना या वायुसेना प्रशिक्षण केंद्र नहीं है। उन्होंने अनुरोध किया कि बिलासपुर या बस्तर में प्रशिक्षण/भर्ती केंद्र स्थापित किया जाए, जिससे युवाओं को सीधे देश सेवा में योगदान देने का अवसर मिले। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से बस्तर में सेना भर्ती रैली आयोजित करने का भी अनुरोध किया।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने सुझाव दिया कि नए नौसैनिक पोतों और जहाजों के नाम छत्तीसगढ़ की नदियों और क्षेत्रों—जैसे इंद्रावती, महानदी, बस्तर—के नाम पर रखे जाएँ। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस विचार का स्वागत किया और कहा कि मंत्रालय इस पर गंभीरता से विचार करेगा।
साथ ही, मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की नई औद्योगिक नीति के बारे में भी जानकारी दी, जिसमें रक्षा और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण से जुड़े उद्योगों को प्रोत्साहन देने, अनुसंधान और उच्च तकनीकी प्रशिक्षण के अवसर बढ़ाने की योजना शामिल है। यह नीति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “आत्मनिर्भर भारत” विज़न के अनुरूप बनाई गई है।
इस बैठक से छत्तीसगढ़ में रक्षा उत्पादन हब के विकास, युवाओं के लिए रोजगार और प्रशिक्षण के अवसर, और राज्य की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
