मणिपुर

मणिपुर में  NRC की मांग को लेकर उग्र प्रदर्शन के बीच 22 अगस्त तक सभी स्कूल-कॉलेज बंद

20 अगस्त 2026 //

मणिपुर न्यूज़ धमाका – मणिपुर में एनआरसी की मांग को लेकर चल रहे तनाव और प्रदर्शनों के बीच राज्य सरकार ने 22 अगस्त तक सभी स्कूल और कॉलेज बंद रखने के आदेश दिए हैं।

पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर में लगातार बने तनावपूर्ण हालातों और कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने एक अहम फैसला लिया है। सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार, राज्य के सभी शैक्षणिक संस्थान, जिनमें स्कूल, कॉलेज और उच्च शिक्षा संस्थान शामिल हैं- अब 22 अगस्त तक पूरी तरह बंद रहेंगे। यह आदेश सरकारी, सहायता प्राप्त (एडेड) और गैर-सहायता प्राप्त (अनएडेड) सभी शिक्षण संस्थानों पर लागू होगा।

शिक्षा विभाग की ओर से जारी देर रात के आदेश में कहा गया है कि मणिपुर के राज्यपाल ने राज्य में बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन, काउंसिल ऑफ हायर सेकेंडरी एजुकेशन, सीबीएसई (CBSE) या अन्य किसी भी बोर्ड से संबद्ध स्कूलों और विश्वविद्यालयों सहित सभी उच्च शिक्षण संस्थानों को इस अवधि के दौरान बंद रखने का निर्देश दिया है।

एनआरसी (NRC) की मांग को लेकर प्रदर्शन और विरोध प्रदर्शन

शैक्षणिक संस्थानों को बंद रखने का यह निर्णय ‘कैंपेन फॉर जस्ट एंड फेयर डेलिमिटेशन’ (JFD) द्वारा राज्य में जनगणना (Census) प्रक्रिया शुरू होने से पहले राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) को अपडेट करने की मांग को लेकर बुलाई गई 48 घंटे की हड़ताल और उसके बाद भड़के तनाव के कारण लिया गया है।

बुधवार को जेएफडी के विरोध प्रदर्शन के दौरान कई इलाकों में मुख्यमंत्री वाई खेमचंद सिंह और गृह मंत्री गोविंदस कोंथौजाम समेत कई राजनेताओं के पुतले फूंके गए। इस विरोध प्रदर्शन के कारण इम्फाल पश्चिम, इम्फाल पूर्व, थौबल और बिष्णुपुर सहित कई जिलों में सड़कों पर जाम और नाकेबंदी जैसी स्थिति पैदा हो गई। इसके अलावा, JFD ने गुरुवार को पूरे मणिपुर में सभी सरकारी कार्यालयों के बहिष्कार का भी आह्वान किया है।

मुख्यमंत्री की अपील और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा

प्रदर्शनकारियों की मांग है कि राज्य में जनगणना से पहले एनआरसी लागू किया जाए, जिसके लिए सेल्फ-एन्यूमरेशन का चरण 17 अगस्त से शुरू हो चुका है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार एनआरसी की मांग का समर्थन करती है और इस संबंध में मणिपुर विधानसभा पहले ही एक प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार को भेज चुकी है।

मुख्यमंत्री वाई खेमचंद सिंह ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा, “मैं सभी से अनुरोध करता हूं कि वे बंद और नाकेबंदी जैसे आंदोलनों का सहारा लेने के बजाय विरोध का कोई अन्य तरीका अपनाएं, क्योंकि इससे दिहाड़ी मजदूरों और छात्रों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।”

हालात पर पैनी नजर रखते हुए मुख्यमंत्री ने बुधवार को केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के वरिष्ठ अधिकारियों (जिसमें इंस्पेक्टर जनरल राजेंद्र नारायण सिंह भी शामिल हैं) के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। उन्होंने मणिपुर में शांति व्यवस्था बनाए रखने में केंद्रीय बलों के समर्पण और मूल्यवान योगदान के लिए उनका आभार व्यक्त किया।

Chhattisgarh News Dhamaka Team

अमन चीफ एडिटर - छत्तीसगढ़ न्यूज़ धमाका // प्रदेश उपाध्यक्ष, छग जर्नलिस्ट वेलफेयर यूनियन छत्तीसगढ // ; हरिभूमि ब्यूरो चीफ जिला कोंडागांव // 18 सालो से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। विश्वसनीय, सृजनात्मक व सकारात्मक पत्रकारिता में विशेष रूचि। कृषि, वन, शिक्षा; जन जागरूकता के क्षेत्र की खबरों को हमेशा प्राथमिकता। जनहित के समाचारों के लिये तत्परता व् समर्पण// जरूरतमंद अनजाने की भी मदद कर देना पहली प्राथमिकता
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