
दुर्ग न्यूज धमाका – मंत्रालय में नौकरी लगाने का झांसा देकर लाखों रुपए की ठगी करने वाले पिता-पुत्र को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यह मामला दुर्ग जिले के अंजोरा थाना क्षेत्र का है, जहाँ आरोपियों ने चपरासी और बाबू की नौकरी दिलाने के नाम पर 12 लोगों से करीब 70 लाख रुपए ऐंठ लिए थे।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों के नाम भेषराम देशमुख और उसका बेटा रविकांत देशमुख हैं। भेषराम देशमुख वेटरनरी कॉलेज, दुर्ग में कर्मचारी था और रिटायरमेंट के बाद उसने अपने बेटे के साथ मिलकर यह ठगी का धंधा शुरू किया।
नौकरी का झांसा और लाखों की ठगी
आरोपी पिता-पुत्र ने सरकारी मंत्रालय में नौकरी दिलाने का दावा करते हुए चपरासी के लिए 2.5 लाख और बाबू के लिए 4 लाख रुपए की दर तय की थी। पीड़ितों को विश्वास में लेने के लिए आरोपियों ने मंत्रालय में पहचान का हवाला दिया और फर्जी नियुक्ति की बातें कहीं।
बालोद जिले के चिरवार निवासी संतराम देशमुख ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई कि जून 2022 में उसने अपने बेटे और दामाद की नौकरी के लिए 5 लाख रुपए और सभी दस्तावेज आरोपियों को दिए थे। लेकिन न नौकरी मिली और न ही पैसे वापस हुए।
ठगी के पैसों से खरीदी जमीन
पुलिस जांच में पता चला कि आरोपियों ने ठगी से मिले पैसों में से 12 लाख रुपए में कुथरेल गांव में प्लॉट खरीदा था। शेष रकम आरोपियों ने खर्च कर दी। पूछताछ में दोनों ने कबूल किया कि अब तक वे 12 से ज्यादा लोगों से ठगी कर चुके हैं।
मास्टरमाइंड की तलाश जारी
इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड राजनांदगांव निवासी अरुण मेश्राम बताया जा रहा है, जो फिलहाल फरार है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है।
अंजोरा थाना पुलिस ने आरोपियों को बस स्टैंड, दुर्ग से गिरफ्तार कर लिया और आगे की कार्रवाई जारी है।



