
बलरामपुर न्यूज धमाका – छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले से इंसानियत को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। जहां एक महिला को उसके ही ससुराल वालों ने अमानवीय तरीके से प्रताड़ित किया। महिला ने आरोप लगाया है कि पति और सास-ससुर ने मिलकर उसे एक सप्ताह तक घर में बंधक बनाकर बेरहमी से पीटा, गर्म सलाखों से दागा और खौलते पानी में चेहरा डुबाकर जान लेने की कोशिश की।
क्या है मामला?
घटना त्रिकुंडा थाना क्षेत्र की है। पीड़िता के मुताबिक, उसका पति आकाश तिवारी, जो वाड्रफनगर में एक निजी कोचिंग संस्था चाणक्य एकेडमी चलाता है, लंबे समय से उसे प्रताड़ित कर रहा था। जब महिला ने विरोध किया तो सास-ससुर ने भी उसका साथ देने के बजाय उसे ही प्रताड़ित करना शुरू कर दिया।
महिला ने पुलिस को बताया कि उसे मुँह में कपड़ा ठूंसकर गर्म पानी में चेहरा डुबाने की कोशिश की गई, ताकि उसकी हत्या दुर्घटना जैसी लगे। इसके बाद गर्म सलाखों और चिमटे से दागा गया, जिससे महिला का शरीर बुरी तरह झुलस गया।
कैसे बची महिला?
एक सप्ताह तक घर में कैद और अत्याचार सहने के बाद महिला किसी तरह भागकर त्रिकुंडा थाना पहुंची, जहां उसने पूरी आपबीती सुनाई। थाना प्रभारी ने तुरंत मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी और निर्देश मिलते ही आरोपी पति आकाश तिवारी को गिरफ्तार कर लिया गया।
सास-ससुर फरार, तलाश जारी
पुलिस ने पीड़िता के बयान पर आकाश तिवारी के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। जबकि सास-ससुर घटना के बाद से फरार हैं। उनकी तलाश में पुलिस की दो टीमें गठित की गई हैं।
पुलिस का बयान:
“पीड़िता की शिकायत पर तत्काल संज्ञान लिया गया है। पति को गिरफ्तार कर लिया गया है। महिला का मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है और आगे की जांच जारी है। सास-ससुर की तलाश की जा रही है।”
— थाना प्रभारी, त्रिकुंडा
समाज के लिए चेतावनी
इस तरह की घटनाएं यह दर्शाती हैं कि घरेलू हिंसा और महिला उत्पीड़न जैसे मामलों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। पीड़िता का साहस सराहनीय है जिसने बंधन तोड़कर न्याय की मांग की। प्रशासन से अपेक्षा है कि जल्द ही फरार आरोपियों को भी गिरफ्तार कर सख्त सजा दिलाई जाएगी।



