

कवर्धा न्यूज धमाका – छत्तीसगढ़ के कवर्धा ज़िले में मंगलवार शाम भीषण आकाशीय बिजली गिरने से दो बैगा महिलाओं की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। यह हादसा कुकदूर थाना क्षेत्र के बाहपानी गाँव के जंगल में उस समय हुआ, जब दोनों महिलाएँ पारंपरिक रूप से खाई जाने वाली चरोटा भाजी तोड़ने गई थीं।
हादसे का विवरण
- मृतक महिलाएँ:
- तिहरी बाई
- रामबाई
(दोनों आपस में रिश्तेदार और बाहपानी गाँव की निवासी)
- समय व स्थान: मंगलवार, शाम लगभग 5 बजे; बाहपानी के जंगल
- घटनाक्रम:
- दोनों महिलाएँ रोज़मर्रा की तरह जंगल में चरोटा भाजी एकत्र करने गईं।
- शाम को तेज़ गरज-चमक के साथ अचानक बिजली कड़की और वहीं गिर पड़ी।
- देर रात तक घर न लौटने पर परिजन खोजबीन करते रहे।
- बुधवार सुबह जंगल में दोनों के निर्जीव शव मिले, जिन पर बिजली गिरने के स्पष्ट निशान थे।
पुलिस कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही कुकदूर थाना की पुलिस मौके पर पहुँची। पंचनामा के बाद शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया और मर्ग कायम कर आगे की जाँच शुरू की गई है।
गाँव में शोक की लहर
एक ही परिवार की दो महिलाओं की असमय मृत्यु से बाहपानी गाँव में शोक पसरा हुआ है। ग्रामीणों ने शासन से आकाशीय बिजली से मृत व्यक्तियों के लिए मुआवज़ा दिलाने की माँग की है। आपदा राहत प्रावधानों के तहत प्रशासन द्वारा सहायता राशि स्वीकृत करने की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है।
पृष्ठभूमि व सावधानी:
- कवर्धा व आसपास के आदिवासी क्षेत्र में मानसून के दौरान बिजली गिरने की घटनाएँ आम हैं।
- विशेषज्ञों का सुझाव है कि तेज़ गरज-चमक सुनते ही खुले इलाकों, ऊँचे पेड़ों और धातु के बर्तनों से दूर रहें।
- ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली चालक यंत्र (Lightning Arrestor) लगाने व सुरक्षा जागरूकता बढ़ाने की ज़रूरत दोहराई गई है।



