
रायपुर न्यूज धमाका – छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय के 1000 से अधिक मेडिकल स्टूडेंट्स हॉस्टल सुविधा के अभाव में परेशान हैं। छात्रों को मजबूरी में शहर में महंगे किराए के मकानों में रहना पड़ रहा है, जिससे उनकी आर्थिक और मानसिक स्थिति दोनों पर बुरा असर पड़ रहा है।
किराया भत्ता भी नहीं, हॉस्टल भी नहीं
कॉलेज के 1041 छात्र-छात्राएं हॉस्टल न होने के कारण बाहर किराए पर रह रहे हैं। छात्रों ने पहले महाविद्यालय के डीन को पत्र लिखा, लेकिन जब कोई समाधान नहीं निकला तो उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को सामूहिक पत्र भेजकर अपनी व्यथा बताई है।
छात्रों ने मांग की है कि:
- हॉस्टल निर्माण और व्यवस्था में विलंब हो रहा है,
- जब तक स्थायी समाधान न हो, Hostel Rent Allowance (HRA) दिया जाए,
- बिजली बिल और अन्य बुनियादी खर्चों की प्रतिपूर्ति की जाए।
क्या लिखा है छात्रों ने सीएम को?
छात्रों ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में लिखा:
“हम MBBS के विभिन्न वर्ष के छात्र-छात्राएं हैं, और बिना हॉस्टल के हमें शहर में महंगे किराए पर कमरों में रहना पड़ रहा है। इससे शिक्षा पर ध्यान केंद्रित करना कठिन हो गया है। हमें प्रतिमाह ₹8000 से ₹10000 तक का किराया और अतिरिक्त बिजली बिल देना पड़ रहा है, जो हमारे लिए भारी आर्थिक बोझ बन चुका है।”
पढ़ाई और मानसिक स्वास्थ्य पर असर
छात्रों का कहना है कि कॉलेज आने-जाने में समय, पैसा और ऊर्जा तीनों का भारी नुकसान हो रहा है। कई बार समय पर क्लास तक नहीं पहुंच पाते हैं। बाहर रहने से रिसर्च, पढ़ाई, सुरक्षा और अनुशासन पर भी प्रतिकूल असर पड़ता है।
छात्राओं की स्थिति और भी असुरक्षित हो गई है, क्योंकि बाहरी कमरों में रहने के दौरान बुनियादी सुविधाएं भी नहीं मिल रही हैं।
DME के निर्देशों का पालन क्यों नहीं?
छात्रों ने अपने पत्र में DME (निदेशालय चिकित्सा शिक्षा) के उन निर्देशों का भी हवाला दिया है, जिसमें कहा गया था कि हॉस्टल नहीं होने की स्थिति में किराया भत्ता देना अनिवार्य है।
परंतु अब तक ना हॉस्टल मिला, ना ही कोई आर्थिक सहायता।
25 साल बाद भी नहीं बना स्थायी हॉस्टल
छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के 25 साल बाद भी राजधानी के सबसे प्रमुख मेडिकल कॉलेज में हॉस्टल की समुचित व्यवस्था नहीं होना नीति-निर्माताओं की प्राथमिकता पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।
छात्रों का कहना है कि अगर अब भी समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन या विरोध प्रदर्शन की ओर बढ़ सकते हैं।
छात्रों की मांग
- MBBS छात्रों के लिए अविलंब हॉस्टल की व्यवस्था की जाए।
- जब तक हॉस्टल नहीं मिलता, तब तक Hostel Rent Allowance + बिजली बिल प्रतिपूर्ति प्रदान की जाए।
- छात्राओं के लिए सुरक्षित और संरक्षित आवास की तत्काल व्यवस्था हो।



