
रायपुर न्यूज धमाका – छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर में आयोजित डॉ. आंबेडकर बिजनेस कॉन्क्लेव एवं एक्सिलेंस अवॉर्ड्स समारोह में हिस्सा लिया। इस अवसर पर उन्होंने राज्य की नई औद्योगिक नीति, निवेश संभावनाएं और अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के नव उद्यमियों को दिए जा रहे समर्थन को रेखांकित किया।
“नव उद्यमियों को मिल रही नई उड़ान”: सीएम साय
मुख्यमंत्री ने दलित चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (डिक्की) द्वारा आयोजित इस कॉन्क्लेव को सराहते हुए कहा:
“हमारी सरकार ने बहुत परिश्रम से एक नई औद्योगिक नीति तैयार की है, जो प्रदेश में उद्योग-धंधों को पंख देने का कार्य कर रही है। इसके तहत देश के बड़े मेट्रो शहरों में इंडस्ट्रियल समिट आयोजित किए जा रहे हैं।”
उन्होंने जानकारी दी कि छत्तीसगढ़ में अब तक लगभग 5.5 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं, जिनमें 3 लाख करोड़ रुपये अकेले पावर सेक्टर में हैं। इसके साथ ही रायपुर में AI डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स की स्थापना हो रही है।
SC-ST उद्यमिता को बढ़ावा देने पर जोर
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा:
“एससी-एसटी समुदाय के उद्यमियों को आगे लाने से ही भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाया जा सकता है। हमें प्रधानमंत्री मोदी के ‘विकसित भारत’ लक्ष्य के तहत उद्यमिता में मजबूती से आगे बढ़ना होगा।”
इस दौरान मुख्यमंत्री ने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के 800 से अधिक नव उद्यमियों को सम्मानित कर उन्हें प्रोत्साहित किया।
360 डिग्री सपोर्ट मॉडल की आवश्यकता: डॉ. मिलिंद कांबले
डिक्की के फाउंडर चेयरमैन पद्मश्री डॉ. मिलिंद कांबले ने कहा कि छत्तीसगढ़ जैसे राज्य में एससी-एसटी उद्यमियों को उद्योग जगत की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए “360 डिग्री अप्रोच” की जरूरत है, जिसमें टेक्नोलॉजी, फाइनेंस, मार्केटिंग, सब्सिडी और नीति से जुड़ी सभी जानकारियाँ एक प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हों।
उपस्थित गणमान्य व वक्ता
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से उपस्थित थे:
- रवि कुमार नर्रा, नेशनल प्रेसिडेंट, डिक्की
- संतोष कांबले, पश्चिमी क्षेत्र प्रमुख
- संजीव डांगी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष
- अभिनव सत्यवंशी, स्टेट प्रेसिडेंट, डिक्की
- राहुल भगत, मुख्यमंत्री के सचिव
- सैकड़ों SC-ST उद्यमी और गणमान्य अतिथि
निष्कर्ष
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का यह बयान छत्तीसगढ़ को एक औद्योगिक एवं समावेशी विकास मॉडल के रूप में उभरने की दिशा में मजबूत कदम बताया जा रहा है। डॉ. आंबेडकर बिजनेस कॉन्क्लेव ने सामाजिक न्याय और आर्थिक आत्मनिर्भरता के बीच एक सशक्त सेतु का कार्य किया है।



