छतीसगढ़रायपुर

आपातकाल स्मृति दिवस: लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान, CM विष्णुदेव साय बोले— इनका संघर्ष हमारी लोकतांत्रिक चेतना का आधार

रायपुर न्यूज धमाका – छत्तीसगढ़ सरकार ने 25 जून 1975 को लागू किए गए आपातकाल की स्मृति में आयोजित कार्यक्रम में लोकतंत्र सेनानियों को सम्मानित कर देश के लोकतांत्रिक मूल्यों को पुनः स्मरण कराया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राजधानी रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में हुए कार्यक्रम में सेनानियों को सम्मान पत्र और शॉल भेंट कर नमन किया।


CM साय: लोकतंत्र केवल व्यवस्था नहीं, जीवनशैली है

मुख्यमंत्री ने अपने उद्बोधन में कहा—

“आजादी की वह हवा जो हम आज महसूस करते हैं, उसकी कीमत कई लोगों ने यातना सहकर चुकाई है। लोकतंत्र केवल एक शासन प्रणाली नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक पद्धति है।”

उन्होंने याद करते हुए बताया कि उनके स्वर्गीय पिता नरहरि प्रसाद साय भी आपातकाल के दौरान 19 महीने तक जेल में बंद रहे। उस समय की यातनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा,

“यह सब स्वतंत्र भारत में हुआ, जिसने हमें अंग्रेजी हुकूमत की क्रूरता की पुनः याद दिला दी।”


पूर्ववर्ती सरकार ने बंद की थी सम्मान योजना, पुनः हुई बहाली

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र सेनानियों को मिलने वाली सम्मान राशि को पिछली सरकार ने बंद कर दिया था, जिसे वर्तमान सरकार ने न केवल पुनः शुरू किया, बल्कि पिछले पांच वर्षों की बकाया राशि का भी भुगतान किया गया। अब सेनानियों की अंत्येष्टि राजकीय सम्मान के साथ की जाएगी और परिजनों को ₹25,000 की सहायता राशि प्रदान की जाएगी।

उन्होंने बताया कि इस योजना की स्थिरता सुनिश्चित करने हेतु विधानसभा में एक अधिनियम पारित किया गया है, जिससे भविष्य में कोई भी सरकार इसे बंद न कर सके।


‘वो 21 महीने: आपातकाल’ पुस्तक का विमोचन

इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार एवं लोकतंत्र सेनानी सच्चिदानंद उपासने द्वारा लिखित पुस्तक ‘वो 21 महीने: आपातकाल’ का भी विमोचन किया गया। पुस्तक में मीसाबंदी आंदोलन, सेंसरशिप और यातनाओं की दास्तां को प्रमाणों और दस्तावेजों सहित प्रस्तुत किया गया है।


रमन सिंह बोले: लोकतंत्र की मशाल इन सेनानियों के हाथों में रही

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आपातकाल ने भारत के लोकतंत्र, न्यायपालिका, मीडिया और विधायिका पर सीधा हमला किया था।

“देश को एक विशाल जेल में तब्दील कर दिया गया था। प्रेस पर सेंसरशिप, विपक्ष पर दमन और नागरिक स्वतंत्रताओं पर प्रतिबंध— यह सब उस दौर की भयावह सच्चाई थी।”

उन्होंने कहा कि आज लोकतंत्र जीवित है तो उसका श्रेय उन लोगों को जाता है जिन्होंने संविधान की रक्षा के लिए अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया।


कार्यक्रम में वरिष्ठ नेता और सेनानी हुए शामिल

इस अवसर पर राज्य के कई वरिष्ठ नेता, जनप्रतिनिधि, लोकतंत्र सेनानी और उनके परिजन मौजूद रहे। मुख्य रूप से उपस्थित लोगों में शामिल थे:

  • उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन
  • विधायक मोतीलाल साहू
  • सीजीएमएससी अध्यक्ष दीपक म्हस्के
  • नागरिक आपूर्ति निगम अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव
  • अल्पसंख्यक आयोग अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा
  • रायपुर विकास प्राधिकरण अध्यक्ष नंद कुमार साहू
  • लोकतंत्र सेनानी संघ प्रदेश अध्यक्ष दिवाकर तिवारी
  • राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सच्चिदानंद उपासने
  • पवन साय, अन्य गणमान्य व्यक्ति एवं लोकतंत्र सेनानी।

निष्कर्ष

यह आयोजन केवल श्रद्धांजलि नहीं, बल्कि लोकतंत्र की पुनर्स्थापना और उसकी रक्षा के लिए कृतज्ञता व्यक्त करने का प्रयास था। यह हमें स्मरण कराता है कि स्वतंत्रता और अधिकारों की कीमत पीढ़ियों ने अपने रक्त और बलिदान से चुकाई है, और यह विरासत सहेजकर रखना हम सबका कर्तव्य है।

CG SADHNA PLUS NEWS

Chhattisgarh News Dhamaka Team

स्टेट हेेड छत्तीसगढ साधना प्लस न्यूज ( टाटा प्ले 1138 पर ) , चीफ एडिटर - छत्तीसगढ़ न्यूज़ धमाका // प्रदेश उपाध्यक्ष, छग जर्नलिस्ट वेलफेयर यूनियन छत्तीसगढ // जिला उपाध्यक्ष प्रेस क्लब कोंडागांव ; हरिभूमि ब्यूरो चीफ जिला कोंडागांव // 18 सालो से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। विश्वसनीय, सृजनात्मक व सकारात्मक पत्रकारिता में विशेष रूचि। कृषि, वन, शिक्षा; जन जागरूकता के क्षेत्र की खबरों को हमेशा प्राथमिकता। जनहित के समाचारों के लिये तत्परता व् समर्पण// जरूरतमंद अनजाने की भी मदद कर देना पहली प्राथमिकता // हमारे YOUTUBE चैनल से भी जुड़ें CG SADHNA PLUS NEW

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!