
बलरामपुर न्यूज धमाका – जिले में अवैध रेत खनन के खिलाफ कार्रवाई करने गई संयुक्त वन और पुलिस टीम पर खनन माफिया द्वारा किए गए हमले में आरक्षक शिवभजन सिंह की मौत के मामले में हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया है।
बिलासपुर हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश रमेश कुमार सिन्हा और न्यायमूर्ति विभु दत्त गुरु की डिवीजन बेंच ने मामले को बेहद गंभीर मानते हुए राज्य सरकार से जवाब तलब किया है।
कोर्ट की कड़ी टिप्पणी
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा:
“जब अवैध खनन रोकने के लिए पहले से निर्देश जारी हैं, तब ऐसी घटनाओं का दोहराव यह दर्शाता है कि राज्य के हालात बेहद चिंताजनक हैं।”
डिवीजन बेंच ने स्पष्ट किया कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए कड़े कदम उठाने की आवश्यकता है। कोर्ट ने खनिज सचिव, वन विभाग और संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी किया है। मामले की अगली सुनवाई 9 जून 2025 को तय की गई है।
घटना का विवरण
- घटना बलरामपुर जिले के लिब्रा घाट की है।
- वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम अवैध रेत खनन की शिकायत पर रात में दबिश देने गई थी।
- मौके पर मौजूद झारखंड के रेत माफिया ने टीम पर हमला कर दिया।
- हमले के दौरान आरक्षक शिवभजन सिंह को जानबूझकर ट्रैक्टर से कुचल दिया गया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
प्रशासनिक कार्रवाई
घटना के बाद आईजी दीपक झा ने गंभीर लापरवाही मानते हुए थाना प्रभारी दिव्यकांत पांडेय को निलंबित कर दिया है। आदेश में उल्लेख किया गया कि:
“टीआई ने बिना वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित किए और पर्याप्त बल लिए बिना आधी रात को कार्रवाई की, जिससे यह दुर्घटना हुई।”
हाईकोर्ट की ओर से नोटिस जिनको जारी किया गया:
- खनिज विभाग सचिव
- वन विभाग के उच्च अधिकारी
- बलरामपुर जिला प्रशासन
सवाल जो अब उठ रहे हैं:
- अवैध खनन माफिया इतनी ताकत में कैसे?
- पुलिस बल की सुरक्षा व्यवस्था इतनी कमजोर क्यों?
- क्या रेत माफियाओं पर पहले से कोई निगरानी नहीं थी?
जांच जारी, कोर्ट की निगरानी में मामला
यह मामला अब छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय की सीधी निगरानी में है। जिससे उम्मीद है कि खनन माफियाओं पर शिकंजा कसने, प्रशासनिक जवाबदेही तय करने और पुलिस बल की सुरक्षा के लिए ठोस दिशा-निर्देश जारी होंगे।
आरक्षक शिवभजन सिंह की शहादत न सिर्फ एक अपराध का नतीजा है, बल्कि यह कानून व्यवस्था और नीतियों की कमजोरी को भी उजागर करती है। अब देखने वाली बात यह होगी कि इस केस से राज्य प्रशासन क्या सीख लेता है।



