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ED के लपेटे में लखमा : पिता- पुत्र पहुंचे दफ्तर, बोले- मेरे पास नहीं है कोई संपत्ति

रायपुर न्यूज धमाका – छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री कवासी लखमा ED दफ्तर पहुंचे हैं। इस दौरान ED शराब घोटाले मामले में लखमा से पूछताछ की। वहीं पूछताछ में लखमा ने शराब घोटाले को लेकर कहा कि, मैं राजनीतिक परिवार से नहीं हूं, बहुत गरीब परिवार से हूं। मैंने जगदलपुर में 2009 में 2 एकड़ जमीन ली थी उसके अलावा मेरे पास कोई संपत्ति नहीं है। आगे उन्होंने कहा कि, मैंने जब जमीन ली थी तब मैं पंच- सरपंच नहीं था। 

पूर्व मंत्री कवासी लखमा ने ED की पूछताछ के दौरान बताया कि, मैंने टोरा, महुआ, इमली का धंधा कर जमीन ली थी। मुझे 1998 में सुकमा से टिकट मिलने के बाद जीत मिली। आगे उन्होंने कहा कि, विधानसभा में मैंने गरीबों के लिए आवाज उठाई है। इसलिए सरकार अब मुझे परेशान कर रही है। जो भी न्यायपालिका बोलेगी मैं उसमें पूरा साथ दूंगा। 

बेटे से भी ED ने की पूछताछ 

कवासी लखमा का बेटा कवासी हरीश भी ED दफ्तर पहुंचे हैं। शराब घोटाला मामले में ED ने कवासी हरीश को भी तलब किया है। वहीं इस दौरान पूछताछ में कवासी हरीश ने कहा कि, मेरे पास से कुछ नहीं मिला, सभी को पता है छापा क्यों पड़ा है। मैं बाद में अपनी बात कहूंगा। 

ED की पूछताछ में लखमा को सहयोग करना चाहिए- डिप्टी सीएम सीएम साव 

इस पूरे मामले पर डिप्टी सीएम अरुण साव का बयान सामने आया है। साव ने कहा कि, लखमा को ED की पूछताछ में सहयोग करना चाहिए जो तथ्य है वह बताना चाहिए। भावनात्मक बातें करने से कुछ नहीं होगा। राज्य की जनता सब जानती है की कांग्रेस सरकार में शराब घोटाला हुआ है। शराब दुकानों में दो-दो काउंटर बने थे। नकली होलोग्राम का उपयोग किया गया था। आगे उन्होंने कहा कि, ऑर्गेनाइज्ड क्रिमिनल सिंडिकेट बनाकर के शराब घोटाले को अंजाम दिया गया। यह कार्रवाई पॉलिटिकल मोटिवेटेड नहीं है। ED बहुत गंभीरता से बहुत बारीकी से शराब घोटाले की जांच कर रही है। जांच में जो तथ्य आएंगे उसके आधार पर ED कार्रवाई करेगी। 

Chhattisgarh News Dhamaka Team

अमन चीफ एडिटर - छत्तीसगढ़ न्यूज़ धमाका // प्रदेश उपाध्यक्ष, छग जर्नलिस्ट वेलफेयर यूनियन छत्तीसगढ // ; हरिभूमि ब्यूरो चीफ जिला कोंडागांव // 18 सालो से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। विश्वसनीय, सृजनात्मक व सकारात्मक पत्रकारिता में विशेष रूचि। कृषि, वन, शिक्षा; जन जागरूकता के क्षेत्र की खबरों को हमेशा प्राथमिकता। जनहित के समाचारों के लिये तत्परता व् समर्पण// जरूरतमंद अनजाने की भी मदद कर देना पहली प्राथमिकता

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