नई दिल्ली

गृह मंत्रियों के 2 दिवसीय चिंतन शिविर में गैर-भाजपाई राज्यों के गृह विभाग का प्रभार संभाल रहे मुख्यमंत्री नहीं हुए शामिल

नई दिल्ली,आईएएनएस,न्यूज़ धमाका :- हरियाणा के सूरजकुंड में चल रहे गृह मंत्रियों के 2 दिवसीय चिंतन शिविर में ज्यादातर गैर-भाजपाई राज्यों के गृह विभाग का प्रभार संभाल रहे मुख्यमंत्री शामिल नहीं हुए। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों के गृह मंत्रियों को इस शिविर के लिए आमंत्रित किया था।

आईएएनएस के पास मौजूद चिंतन शिविर में शामिल होने वालों की लिस्ट के मुताबिक शिविर में अपने प्रदेशों में गृह विभाग का प्रभार संभाल रहे ज्यादातर गैर भाजपाई मुख्यमंत्रियों ने हिस्सा नहीं लिया। इनमें गृह विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, ओडिशा के नवीन पटनायक और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन और राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत शामिल हैं।

शिविर में सिर्फ 2 गैर भाजपाई मुख्यमंत्री शामिल हुए। इनमें पंजाब के भगवंत मान और केरल के पिनराई विजयन हैं। पश्चिम बंगाल सरकार ने शिविर में गृह सचिव और पुलिस महानिदेशक को भी नहीं भेजा। उनकी तरफ से अतिरिक्त महानिदेशक (होमगार्ड) नीरज कुमार सिंह प्रतिनिधि के तौर पर शामिल हुए।

अमित शाह की अध्यक्षता में चल रहे शिविर में भाग लेने वाले मुख्यमंत्रियों में भगवंत मान (पंजाब), पिनराई विजयन (केरल), मनोहर लाल खट्टर (हरियाणा), योगी आदित्यनाथ (उत्तर प्रदेश), हिमंत विश्व सरमा (असम), एन बीरेन सिंह (मणिपुर), प्रमोद सावंत (गोवा), माणिक साहा (त्रिपुरा), पुष्कर सिंह धामी (उत्तराखंड) और प्रेम सिंह तमांग (सिक्किम) शामिल हैं।

गृह मंत्रालय के अनुसार 2 दिवसीय चिंतन शिविर में पुलिस बलों के आधुनिकीकरण, साइबर अपराध प्रबंधन, आपराधिक न्याय प्रणाली में आईटी के बढ़ते उपयोग, भूमि सीमा प्रबंधन, तटीय सुरक्षा, महिला सुरक्षा, मादक पदार्थों की तस्करी जैसे मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जा रहा है। आज बैठक को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित करेंगे।

Chhattisgarh News Dhamaka Team

अमन चीफ एडिटर - छत्तीसगढ़ न्यूज़ धमाका // प्रदेश उपाध्यक्ष, छग जर्नलिस्ट वेलफेयर यूनियन छत्तीसगढ // ; हरिभूमि ब्यूरो चीफ जिला कोंडागांव // 18 सालो से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। विश्वसनीय, सृजनात्मक व सकारात्मक पत्रकारिता में विशेष रूचि। कृषि, वन, शिक्षा; जन जागरूकता के क्षेत्र की खबरों को हमेशा प्राथमिकता। जनहित के समाचारों के लिये तत्परता व् समर्पण// जरूरतमंद अनजाने की भी मदद कर देना पहली प्राथमिकता

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