
दुर्ग न्यूज धमाका – छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक प्राइवेट कंपनी के मालिक को उसके ही सुपरवाइजर ने झांसे में लेकर अप्राकृतिक संबंध बनाए और फिर वीडियो वायरल करने की धमकी देकर करीब 29 लाख रुपये वसूले। पीड़ित की शिकायत पर आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
घटना का विवरण: सब्जी व्यापार का झांसा और ब्लैकमेलिंग की योजना
जानकारी के अनुसार, मामला जामुल थाना क्षेत्र का है। आरोपी का नाम आलोक मिश्रा है, जो मूल रूप से मध्यप्रदेश के उमरिया जिले का निवासी है और वर्तमान में भिलाई हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में रह रहा था। आलोक ने वर्ष 2021-22 में दुर्ग के एक प्राइवेट कंपनी के मालिक के यहाँ सुपरवाइजर के पद पर काम शुरू किया।
काम के दौरान आलोक ने कंपनी मालिक से नजदीकी बढ़ाई और उसे सब्जी के व्यापार में साझेदारी का झांसा देकर अपने जाल में फँसाया। इसी दौरान उसने जबरन अप्राकृतिक संबंध बनाकर उसका वीडियो बना लिया।
वीडियो वायरल करने की धमकी देकर की वसूली
पहले कुछ समय तक आरोपी ने चुप्पी साधे रखी। बाद में उसने पीड़ित को वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर बार-बार पैसे वसूलने शुरू किए। बदनामी के डर से पीड़ित ने अब तक ₹29,40,611 आरोपी के खाते में ट्रांसफर कर दिए। जब आरोपी की मांगें बढ़ती गईं तो पीड़ित ने हिम्मत करके जामुल थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई।
पुलिस ने आरोपी को धर दबोचा
जामुल पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और 20 जून को आरोपी आलोक मिश्रा को उसके भिलाई स्थित घर से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। आरोपी ने स्वीकार किया कि उसे पता था पीड़ित के पास भारी नकदी रहती है, इसी लालच में उसने पूरा षड्यंत्र रचा।
पुलिस की कार्रवाई
दुर्ग पुलिस ने आईपीसी की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज करते हुए आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक राजेश मिश्रा, उनि सौमित्री भोई, प्र.आर. संदीप बंजारे, आर. रूपनारायण बाजपेयी, चन्द्रभान यादव, अतुल सिंह, संजय मिश्रा और तीरथ बंजारे की विशेष भूमिका रही।
सावधानी और सतर्कता का संदेश
यह मामला न केवल ब्लैकमेलिंग की घिनौनी हदें दिखाता है, बल्कि यह भी बताता है कि डिजिटल साक्ष्य कैसे आपराधिक मंसूबों के लिए इस्तेमाल हो सकते हैं। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी प्रकार की धमकी, यौन शोषण या वित्तीय ब्लैकमेलिंग के मामलों में बिना संकोच पुलिस को सूचित करें।



