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 कवर्धा में डायरिया से 5 लोगों की गई जान, कांग्रेस की जांच समिति ने मृतक के परिवार से की मुलाकात, लगाए गंभीर आरोप

कवर्धाः न्यूज़ धमाका – प्रदेश में बारिश का दौर जारी है। इसके चलते डेंगू, मलेरिया का खतरा बढ़ जाता है। लेकिन इस समय कवर्धा में डायरिया के कई मामले सामने आए हैं। डायरिया बीमारी के चलते 5 लोगों की मौत हो गई था। इस घटना के बाद कांग्रेस कमेटी द्वारा गठित जांच समिति बनाई गई थी। यह समिति आज कवर्धा जिला के विकासखण्ड बोड़ला सुदूर वनांचल के बैगा आदिवासी बाहुल्य ग्राम सोनवाही का दौरा किया गया।

कांग्रेस की जांच समिति ने डायरिया बीमारी से जान गंवाने वाले मृतक परिवारों से मुलाकात कर हाल चाल जाना। इसके साथ ही परिजनों से उक्त घटना में जानकारी ली। जांच समिति ने बताया कि विशेष पिछड़ी जनजाति क्षेत्र होने के कारण कोई भी सुविधा नहीं है। यहां बरसात पूर्व प्रशासन ने पेयजल साफ सफाई की जाने वाली समुचित व्यवस्था नहीं है। मच्छरदानी, डी डी टी का छिड़काव, शुद्ध पेयजल, साफ सफाई, तथा स्वस्थ से संबंधित जागरुकता कार्यक्रम संचालित नहीं किया गया। टीम ने कहा कि प्रशासन की इस अनदेखी के चलते 5 बैगा अनुसूचित जनजाति की मृत्यु हो गई।

डायरिया मरीज को नहीं मिला वाहन

डायरिया पीड़ित झिंगरा बैगा ने बताया कि उन्हें इलाज के लिए उपस्वास्थ्य केंद्र झलमला में 2 दिन इलाज किया फिर उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। 8 दिन इलाज के बाद शाम को डिस्चार्ज कर दिया गया। घर जाने के लिए पीड़ित को किसी प्रकार कोई परिवहन सुविधा नहीं दी गई। उन्हें उसी हालत में छोड़ दिया गया। जबकि शाम 4 बजे के बाद कोई भी बस या गाड़ी नहीं चलती है। मरीज इधर उधर भटकता रहा और पैदल ही घर जाने को मजबूर होना पड़ा।

गांव में मेडिकल फेसिलिटी के खस्ता हाल

घटना होने के बाद भी स्वास्थ्य शिविर में कोई व्यवस्था नहीं है। 35 किमी जिला अस्पताल जाना पड़ रहा है। जल जीवन मिशन के अंतर्गत लाखों रुपए की पानी टंकी बनवाया गया है। लेकिन अभी तक शुद्ध पेयजल की सफ्लाई नही किया। जिसके चलते डायरिया पीड़ित परिवार को कुंआ, झिरिया के पानी पीना पड़ रहा है। सोनवाही के ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें मच्छरदानी नहीं मिली, उल्टी-दस्त से जब तक मृत्यु नहीं हो गई तब तक स्वास्थ्य अमला सोता रहा।

मुख्यमंत्री के दत्तक पुत्र सुविधाओं के लिए मोहताज

जांच समिति ने कहा कि कितना दुःखद है कि जिन बैगा आदिवासियों को राष्ट्रपति का दत्तक पुत्र कहा जाता है। केंद्र से लेकर राज्य सरकार इनके लिए विशेष योजनाएं बनाता है। वे बैगा आदिवासी एक आदिवासी मुख्यमंत्री के शासन में उपेक्षित हैं।

Chhattisgarh News Dhamaka Team

अमन चीफ एडिटर - छत्तीसगढ़ न्यूज़ धमाका // प्रदेश उपाध्यक्ष, छग जर्नलिस्ट वेलफेयर यूनियन छत्तीसगढ // ; हरिभूमि ब्यूरो चीफ जिला कोंडागांव // 18 सालो से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। विश्वसनीय, सृजनात्मक व सकारात्मक पत्रकारिता में विशेष रूचि। कृषि, वन, शिक्षा; जन जागरूकता के क्षेत्र की खबरों को हमेशा प्राथमिकता। जनहित के समाचारों के लिये तत्परता व् समर्पण// जरूरतमंद अनजाने की भी मदद कर देना पहली प्राथमिकता

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