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शराब घोटाला: कारोबारी विजय भाटिया को हाई कोर्ट से नहीं मिली राहत, विदेश भागने से पहले हुई थी गिरफ्तारी

बिलासपुर न्यूज धमाका – छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित 2100 करोड़ रुपये से अधिक के शराब घोटाले में फंसे कारोबारी विजय भाटिया को बिलासपुर हाई कोर्ट से कोई राहत नहीं मिली है। गुरुवार को इस मामले में डिवीजन बेंच में सुनवाई हुई, जिसमें भाटिया की ओर से दाखिल रिट याचिका को अदालत ने खारिज कर दिया।

बिना समन के गिरफ्तारी का दिया गया तर्क
भाटिया की पैरवी सुप्रीम कोर्ट की एक वरिष्ठ अधिवक्ता ने की। उन्होंने कोर्ट में दलील दी कि विजय भाटिया को बिना समन दिए गिरफ्तार किया गया, जो कानूनन गलत है। लेकिन एसीबी की ओर से अधिवक्ता सौरभ पांडे ने कोर्ट को बताया कि भाटिया को ईडी की पूछताछ के बाद 31 मई को एसीबी को सौंपा गया और अगले ही दिन, 1 जून को, उन्हें विशेष अदालत में पेश किया गया।

300 से अधिक गवाह, ठोस सबूत
एसीबी के अनुसार, इस मामले में 300 से अधिक गवाहों से पूछताछ की गई है। कोर्ट को बताया गया कि भाटिया की गिरफ्तारी ठोस सबूतों के आधार पर की गई है। सभी पक्षों की सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने भाटिया की याचिका खारिज कर दी।

विदेश भागने की थी तैयारी, दिल्ली से हुई गिरफ्तारी
जांच एजेंसियों को खुफिया जानकारी मिली थी कि विजय भाटिया दिल्ली में अपने परिवार के साथ रह रहा है और जल्द ही ब्राजील भागने की योजना बना रहा था। इसी दौरान, 31 मई को ईओडब्ल्यू की टीम ने उसे दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया। रायपुर की विशेष अदालत में पेश करने पर एजेंसी ने 7 दिन की रिमांड मांगी, लेकिन कोर्ट ने केवल 4 दिन की रिमांड दी। इसके बाद भाटिया को 12 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

राजनीतिक कनेक्शन और अवैध लेनदेन की जांच
जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं:

भाटिया और उसके सहयोगी बंसल के खातों से कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और उनके परिजनों के खातों में भारी रकम ट्रांसफर की गई।

एसीबी और ईओडब्ल्यू इस बात की जांच में जुटी हैं कि यह पैसा किन राजनीतिक और निजी हितों के लिए उपयोग किया गया।

भाटिया ने एक विदेशी कंपनी के जरिए शराब सप्लाई कर करीब 15 करोड़ रुपये की अवैध कमाई की थी, जिसे विभिन्न प्रॉपर्टीज में निवेश किया गया।

आगे की कार्रवाई जारी
प्रशासन और जांच एजेंसियां शराब घोटाले में शामिल अन्य लोगों की भी कड़ी निगरानी कर रही हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में कुछ और बड़े नामों का खुलासा हो सकता है। यह घोटाला छत्तीसगढ़ की राजनीति और नौकरशाही में गहरे गठजोड़ की ओर इशारा करता है।

Chhattisgarh News Dhamaka Team

अमन चीफ एडिटर - छत्तीसगढ़ न्यूज़ धमाका // प्रदेश उपाध्यक्ष, छग जर्नलिस्ट वेलफेयर यूनियन छत्तीसगढ // ; हरिभूमि ब्यूरो चीफ जिला कोंडागांव // 18 सालो से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। विश्वसनीय, सृजनात्मक व सकारात्मक पत्रकारिता में विशेष रूचि। कृषि, वन, शिक्षा; जन जागरूकता के क्षेत्र की खबरों को हमेशा प्राथमिकता। जनहित के समाचारों के लिये तत्परता व् समर्पण// जरूरतमंद अनजाने की भी मदद कर देना पहली प्राथमिकता

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