
रायपुर न्यूज धमाका – छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय मंत्रिपरिषद की अगली बैठक 30 जून को दोपहर 12 बजे मंत्रालय में आयोजित की जाएगी। यह बैठक राज्य के मुख्य सचिव अमिताभ जैन को औपचारिक विदाई देने के लिए बुलाई गई है। राज्य गठन के बाद यह सिर्फ दूसरा मौका है, जब किसी चीफ सिकरेट्री के रिटायरमेंट के अवसर पर कैबिनेट बैठक हो रही है।
25 साल में दूसरा ऐसा अवसर
2000 में राज्य गठन के बाद पहली बार 28 फरवरी 2014 को तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में मुख्य सचिव सुनील कुमार को सम्मानपूर्वक विदाई दी गई थी। अब 11 साल बाद, अमिताभ जैन को भी ऐसी ही विदाई दी जा रही है, जो दर्शाता है कि प्रशासनिक सेवाओं में उनके योगदान को सरकार कितना महत्व देती है।
रिकॉर्ड कार्यकाल
अमिताभ जैन, छत्तीसगढ़ के 12वें मुख्य सचिव हैं, लेकिन कार्यकाल की बात करें तो उन्होंने चार साल सात महीने की अभूतपूर्व अवधि पूरी कर एक रिकॉर्ड कायम किया है। अब तक राज्य में किसी मुख्य सचिव का कार्यकाल चार साल तक भी नहीं पहुंच पाया था। पूर्व मुख्य सचिव विवेक ढांड इस क्लब में शामिल होने से केवल 20 दिन दूर रह गए थे।
दो सरकारों के साथ काम करने वाले दुर्लभ अधिकारी
अमिताभ जैन छत्तीसगढ़ के ऐसे दूसरे मुख्य सचिव हैं जिन्हें दो अलग-अलग सरकारों में कार्य करने का अवसर मिला।
- उन्हें नवंबर 2020 में भूपेश बघेल सरकार द्वारा आरपी मंडल के रिटायरमेंट के बाद मुख्य सचिव बनाया गया था।
- इसके बाद दिसंबर 2023 में बीजेपी सरकार के सत्ता में आने के बाद भी उन्होंने लगभग डेढ़ साल तक अपनी जिम्मेदारी निभाई।
इससे पहले सिर्फ सुयोग्य मिश्रा ऐसे अफसर रहे जिन्हें अजीत जोगी सरकार और फिर 2003 में आई बीजेपी सरकार ने कार्यकाल पूरा करने तक मुख्य सचिव बनाए रखा।
कैबिनेट बैठक में होंगे अन्य अहम एजेंडे भी
हालांकि बैठक का मूल उद्देश्य मुख्य सचिव की विदाई है, लेकिन सूत्रों के अनुसार कैबिनेट में कुछ अन्य प्रशासनिक और विकास संबंधी प्रस्तावों पर भी चर्चा की जाएगी। यह बैठक जैन के सम्मान और उनके योगदान की सराहना के साथ-साथ भावनात्मक विदाई का अवसर भी होगी।
नए मुख्य सचिव का ऐलान विदाई के बाद
विश्वसनीय सूत्रों के मुताबिक, राज्य सरकार 30 जून की कैबिनेट बैठक के बाद ही नए मुख्य सचिव की नियुक्ति का आदेश जारी करेगी। सरकार चाहती है कि पहले अमिताभ जैन को सम्मानजनक ढंग से विदा किया जाए और उसके बाद प्रशासनिक नेतृत्व परिवर्तन की घोषणा हो।
सारांश
अमिताभ जैन का कार्यकाल न केवल रिकॉर्ड अवधि, बल्कि राजनीतिक संतुलन, प्रशासनिक दक्षता और नीतिगत स्पष्टता के लिए भी याद किया जाएगा। 30 जून को होने वाली बैठक उनके लिए एक सम्मान और आदर का क्षण होगा, वहीं राज्य के प्रशासनिक इतिहास में भी यह एक विशेष अवसर के रूप में दर्ज हो जाएगा।



