
21 अगस्त 2026 //
बलौदाबाजार न्यूज़ धमाका – बलौदाबाजार सिमगा विकासखंड के ग्राम रानीजरौद की आरती साहू केंद्र सरकार की ‘नमो ड्रोन दीदी’ योजना से जुड़कर लाखों कमा रही है
छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में कभी खेतों में उर्वरक छिड़काव के लिए किसानों को मजदूरों और पारंपरिक साधनों पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन अब आधुनिक तकनीक खेती की तस्वीर बदल रही है। बलौदाबाजार विकासखंड सिमगा के ग्राम रानीजरौद की आरती साहू इस बदलाव की सशक्त मिसाल बनकर सामने आई हैं। नमो ड्रोन दीदी योजना से जुड़कर आरती न केवल किसानों के खेतों में ड्रोन से नैनो यूरिया और नैनो डीएपी का छिड़काव कर रही हैं, बल्कि तकनीक के जरिए अपनी आर्थिक स्थिति भी मजबूत कर रही हैं।
आरती पिछले दो वर्षों से ड्रोन के माध्यम से किसानों के खेतों में उर्वरकों का छिड़काव कर रही हैं। वह प्रति एकड़ 300 रुपये की दर से किसानों को यह सेवा उपलब्ध कराती हैं। इससे किसानों को कम समय में खेतों में छिड़काव की सुविधा मिल रही है और श्रम व मेहनत की बचत भी हो रही है।
1154 एकड़ में किया छिड़काव, साढ़े तीन लाख की कमाई
आरती साहू के लिए यह सिर्फ एक सरकारी योजना से जुड़ा रोजगार नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता की नई शुरुआत है। पिछले वर्ष उन्होंने करीब 1154 एकड़ क्षेत्र में ड्रोन के माध्यम से नैनो उर्वरकों का छिड़काव किया। इससे उन्हें लगभग साढ़े तीन लाख रुपये की आमदनी हुई। अब वह लगातार आगे बढ़ते हुए ‘लखपति दीदी’ बनने की दिशा में कदम बढ़ा रही हैं।
तकनीक बनी महिलाओं की ताकत
आरती की कहानी इस बात का उदाहरण है कि आधुनिक तकनीक अब सिर्फ बड़े किसानों या पुरुषों तक सीमित नहीं है। गांव की महिलाएं भी प्रशिक्षण और अवसर मिलने पर तकनीकी क्षेत्र में अपनी पहचान बना सकती हैं। आरती ने ड्रोन संचालन को रोजगार का माध्यम बनाकर यह साबित किया है कि महिला सशक्तिकरण केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं, बल्कि महिलाओं को नई तकनीक, कौशल और रोजगार से जोड़ना भी इसका महत्वपूर्ण हिस्सा है।
किसानों को सुविधा, महिला को रोजगार
ड्रोन से उर्वरक छिड़काव का सबसे बड़ा लाभ किसानों को भी मिल रहा है। कम समय में बड़े क्षेत्र में छिड़काव संभव होने से किसानों की मेहनत और समय दोनों की बचत होती है। वहीं दूसरी ओर आरती जैसी महिलाओं के लिए यही तकनीक नियमित आमदनी और आत्मनिर्भरता का जरिया बन रही है।
‘ड्रोन दीदी’ की कहानी बनी प्रेरणा
आरती साहू प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहती हैं किए नमो ड्रोन दीदी योजना ने महिलाओं को आगे बढ़ने और अपने पैरों पर खड़े होने का अवसर दिया है। आज ड्रोन उनके लिए सिर्फ खेती में इस्तेमाल होने वाला उपकरण नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, रोजगार और आर्थिक मजबूती का साधन बन चुका है।
रानीजरौद की आरती कहानी गांव की महिलाओं के लिए प्रेरणा
रानीजरौद की आरती की यह कहानी गांव की उन महिलाओं के लिए प्रेरणा है, जो अपने दम पर कुछ नया करना चाहती हैं। उनकी कहानी बताती है कि जब महिलाओं को अवसर, प्रशिक्षण और तकनीक का साथ मिलता है, तो वे न सिर्फ अपने परिवार की आर्थिक स्थिति बदल सकती हैं, बल्कि पूरे ग्रामीण समाज के लिए बदलाव की मिसाल बन सकती हैं।
तकनीक के पंखों से आत्मनिर्भरता की नई उड़ान
खेतों के ऊपर उड़ता ड्रोन आज सिर्फ फसलों पर उर्वरक का छिड़काव नहीं कर रहा, बल्कि ग्रामीण महिला सशक्तिकरण की नई तस्वीर भी लिख रहा है। आरती साहू की यह उड़ान बताती है कि तकनीक के पंख लगें तो गांव की बेटियां और महिलाएं भी आत्मनिर्भरता की ऊंची उड़ान भर सकती हैं।



