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बारिश का मौसम और सिर पर छत नहीं, हाथियों के हमले में टूटा घर, अब परिवार कैसे गुजारेगा रात?

25 जुलाई 2026 //

जशपुर न्यूज़ धमाका – बारिश का मौसम और सिर पर छत नहीं, हाथियों के हमले में जान तो बच गई लेकिन अब परिवार रात कैसे गुजारेगा? किस तरह वन क्षेत्र में परिवार जानवरों से सुरक्षित रहने पूरी रात जागेंगे? शासन से मिलने वाली मुआवजा राशि से दोबारा घर खड़ा करना मुमकिन हो पाएगा?

छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के कंसाबेल वन परिक्षेत्र में इन दिनों 18 हाथियों का दल विचरण कर रहा है. साजापानी गांव के रिहायशी इलाके में शुक्रवार रात को हाथियों ने जमकर उत्पात मचाया. बताया जा रहा है कि कटहल की खुशबू से आकर्षित होकर हाथी गांव में घुस आया. इस दौरान उसने दो मकानों को क्षतिग्रस्त कर दिया और घरों में रखा अनाज भी खा गया. हालांकि, समय रहते ग्रामीण घरों से बाहर निकल गए, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई

जानकारी के अनुसार, रात के समय हाथियों के दल ने अचानक गांव में पहुंचकर हमला कर दिया. हाथी ने घरों की दीवारों और सामान को नुकसान पहुंचाया. इसके बाद वह घरों में रखे अनाज को खाने लगा. हाथी को सामने देखकर ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई. लोगों ने किसी तरह सुरक्षित स्थानों की ओर भागकर अपनी जान बचाई. घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है और ग्रामीण रात के समय सतर्कता बरत रहे हैं.

घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची. विभाग ने हाथी के मूवमेंट पर लगातार नजर बनाए हुए हैं. साथ ही आसपास के गांवों में मुनादी कराकर लोगों को सतर्क रहने, रात के समय घरों से बाहर नहीं निकलने और हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की जा रही है.

Chhattisgarh News Dhamaka Team

अमन चीफ एडिटर - छत्तीसगढ़ न्यूज़ धमाका // प्रदेश उपाध्यक्ष, छग जर्नलिस्ट वेलफेयर यूनियन छत्तीसगढ // ; हरिभूमि ब्यूरो चीफ जिला कोंडागांव // 18 सालो से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। विश्वसनीय, सृजनात्मक व सकारात्मक पत्रकारिता में विशेष रूचि। कृषि, वन, शिक्षा; जन जागरूकता के क्षेत्र की खबरों को हमेशा प्राथमिकता। जनहित के समाचारों के लिये तत्परता व् समर्पण// जरूरतमंद अनजाने की भी मदद कर देना पहली प्राथमिकता

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