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बच्चों के भविष्य पर संकट नगरी ब्लाक के 48 स्कूलों में एक ही शिक्षक चरमराई शिक्षा व्यवस्था

18 जुलाई 2026 //

नगरी न्यूज़ धमाका – धमतरी जिले के कई प्राथमिक विद्यालय आज भी केवल एक शिक्षक के भरोसे संचालित हो रहे हैं, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई और उनके भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है

धमतरी जिले के नगरी वनांचल क्षेत्र में शिक्षा व्यवस्था गंभीर चुनौती का सामना कर रही है। क्षेत्र के कई प्राथमिक विद्यालय आज भी केवल एक शिक्षक के भरोसे संचालित हो रहे हैं, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई और उनके भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

मिली जानकारी के अनुसार, नगरी विकासखंड में कुल 338 प्राथमिक स्कूल है। जिसमें ऐसे 48 प्राथमिक स्कूल हैं, जहां केवल एक शिक्षक पदस्थ है। यही शिक्षक पहली से पांचवीं कक्षा तक के सभी विद्यार्थियों को पढ़ाने के साथ-साथ विद्यालय के अन्य प्रशासनिक कार्यों की जिम्मेदारी भी निभा रहे हैं। प्रत्येक कक्षा में अलग-अलग विषय होने के कारण एक शिक्षक के लिए सभी कक्षाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना बेहद कठिन हो जाता है।

शिक्षक के छुट्टी पर जाते ही बंद हो जाती है पढ़ाई

ग्रामीणों का कहना है कि, एक ही शिक्षक द्वारा पांच कक्षाओं के विद्यार्थियों को अलग-अलग विषय पढ़ाना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है। इसका सीधा असर बच्चों की शिक्षा पर पड़ रहा है और उनका भविष्य अंधकारमय होता जा रहा है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि, यदि किसी कारणवश पदस्थ शिक्षक अवकाश पर चले जाएं या किसी सरकारी कार्य से बाहर जाना पड़े, तो विद्यालय पूरी तरह शिक्षक विहीन हो जाता है। ऐसी स्थिति में बच्चे केवल मध्यान्ह भोजन करने के बाद घर लौट जाते हैं और उनकी पढ़ाई पूरी तरह प्रभावित होती है

प्राथमिक स्कूलों में न्यूनतम दो शिक्षकों की मांग

ग्रामीणों ने शासन और शिक्षा विभाग से मांग की है कि, जिन विद्यालयों में केवल एक शिक्षक पदस्थ हैं, वहां कम से कम एक अतिरिक्त शिक्षक की नियुक्ति की जाए। उनका कहना है कि प्रत्येक प्राथमिक विद्यालय में न्यूनतम दो शिक्षक होने से विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा मिलेगी और उनकी शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार होगा

Chhattisgarh News Dhamaka Team

अमन चीफ एडिटर - छत्तीसगढ़ न्यूज़ धमाका // प्रदेश उपाध्यक्ष, छग जर्नलिस्ट वेलफेयर यूनियन छत्तीसगढ // ; हरिभूमि ब्यूरो चीफ जिला कोंडागांव // 18 सालो से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। विश्वसनीय, सृजनात्मक व सकारात्मक पत्रकारिता में विशेष रूचि। कृषि, वन, शिक्षा; जन जागरूकता के क्षेत्र की खबरों को हमेशा प्राथमिकता। जनहित के समाचारों के लिये तत्परता व् समर्पण// जरूरतमंद अनजाने की भी मदद कर देना पहली प्राथमिकता

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