
रायपुर न्यूज धमाका – छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) भर्ती घोटाले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। CBI की जांच में सामने आया कि पूर्व चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी के दत्तक पुत्र नीतेश सोनवानी और बहू निशा कोसले बिना इंटरव्यू दिए डिप्टी कलेक्टर बन गए।
CBI ने सोमवार को रिटायर्ड IAS जीवन किशोर ध्रुव, उनके बेटे सुमित, परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक, निशा कोसले और दीपा आदिल के खिलाफ 1500 पन्नों की चार्जशीट पेश की। चार्जशीट में बताया गया कि 2020-22 के दौरान CGPSC में डिप्टी कलेक्टर, DSP समेत कई पदों के चयन में टामन सोनवानी के रिश्तेदारों को विशेष लाभ दिया गया।
जांच में यह खुलासा हुआ कि मुख्य इंटरव्यू में नीतेश और निशा शामिल ही नहीं हुए, फिर भी उनका चयन सूची में शामिल कर दिया गया। यह मामला टामन सोनवानी और उनके करीबी रिश्तेदारों के पदों पर अनुचित चयन से जुड़ा है।
CGPSC भर्ती प्रक्रिया का विवरण:
- 2021 भर्ती में 1,29,206 उम्मीदवारों ने प्रारंभिक परीक्षा दी।
- 2,548 उम्मीदवार मुख्य परीक्षा के लिए चुने गए।
- 509 उम्मीदवार इंटरव्यू पास कर 170 को विभिन्न पदों पर नियुक्त किया गया।
CBI ने इस मामले में पहले ही टामन सोनवानी और बजरंग पावर के डायरेक्टर श्रवण कुमार गोयल को गिरफ्तार कर चुकी है। जांच जारी है।



