
महीनेभर से बंद 25 स्कूल, स्वतंत्रता दिवस पर नहीं फहर पाएगा तिरंगा
बीजापुर न्यूज धमाका – जहां एक ओर देशभर में स्वतंत्रता दिवस की तैयारियां और हर घर तिरंगा अभियान जोरों पर है, वहीं बस्तर के बीजापुर जिले में नक्सल दहशत अब भी शिक्षा और आज़ादी के पर्व के बीच दीवार बनी हुई है।
सूत्रों के अनुसार, नेशनल पार्क के सेंड्रा इलाके में संचालित 19 स्कूलों में से 15 स्कूल पिछले एक महीने से बंद हैं। इन स्कूलों का संचालन वर्ष 2019-20 में वर्षों की बंदी के बाद शुरू हुआ था, लेकिन नक्सल गतिविधियों और दो शिक्षकों की हत्या के बाद ग्रामीणों को गांव से बाहर जाने से रोक दिया गया है और शिक्षकों-कर्मचारियों के प्रवेश पर पाबंदी लगा दी गई है।
इसी तरह, उसूर ब्लॉक के 10 स्कूल भी नक्सली दहशत के कारण पिछले एक महीने से बंद हैं। इसका सीधा असर यह होगा कि इस वर्ष इन 25 स्कूलों में स्वतंत्रता दिवस पर ध्वजारोहण नहीं हो पाएगा।
25 साल बाद लौट रही तिरंगे की शान
हालांकि, इस अंधकार के बीच कुछ गांवों में आशा की किरण भी दिखी है।
बीजापुर जिले के सावनार, कोरचोली, नेन्द्रा, एड्समेटा, करका, तोड़का और इतावर गांवों में लगभग 25 साल बाद स्कूलों में स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगा फहराया जाएगा।
पहले इन गांवों में नक्सलियों का काला झंडा लहरता था, लेकिन अब तिरंगे की शान लौटने लगी है।
सरकार के लिए चुनौती
केंद्र और राज्य सरकार मार्च 2026 तक नक्सलवाद के पूरी तरह खात्मे का दावा कर रही है। लेकिन बीजापुर जैसे इलाकों में स्कूल बंद होना और आज़ादी का पर्व न मना पाना सरकार और प्रशासन के लिए गंभीर चुनौती है।
