
सक्ती न्यूज धमाका – छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में पुलिस विभाग की साख को धक्का पहुंचाने वाला मामला सामने आया है। मालखरौदा थाना में पदस्थ आरक्षक भागवत श्रीवास को अवैध शराब कारोबारियों से रिश्वत लेने के आरोप में एसपी अंकिता शर्मा ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
रिश्वत लेकर करता था अनदेखी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरक्षक श्रीवास पर आरोप है कि वह अवैध शराब की बिक्री की शिकायतों को नजरअंदाज करता था और बदले में पैसे की मांग करता था। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक कार्यालय में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिसकी जांच में आरोप सही पाए गए।
पुलिस विभाग की गरिमा को किया धूमिल
एसपी द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि:
“आरक्षक भागवत श्रीवास का यह कृत्य विभागीय गरिमा एवं आचरण के प्रतिकूल है। उनकी हरकतों से पुलिस विभाग की छवि धूमिल हुई है और यह आचरण अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है।”
इसलिए उनके खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए निलंबन की कार्रवाई की गई है।
रक्षित केंद्र में किया गया अटैच
निलंबन के दौरान आरक्षक भागवत श्रीवास को रक्षित केंद्र सक्ती में अटैच किया गया है। विभाग अब इस मामले में आंतरिक जांच और आगे की सख्त कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।
क्या कहते हैं जानकार?
विधि विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के मामलों में अगर रिश्वतखोरी का सीधा सबूत हो, तो आपराधिक मामला दर्ज कर आरोपी को नौकरी से बर्खास्त तक किया जा सकता है।
पुलिस की वर्दी में छुपे भ्रष्टाचारियों पर अब शिकंजा कसना तय है।



