
खैरागढ़ न्यूज धमाका – छुईखदान विकासखंड के ग्राम दनिया में हाल ही में युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया के तहत पदस्थ की गई सहायक शिक्षिका मोहिनी देवांगन के खिलाफ ग्रामवासियों का गुस्सा फूट पड़ा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि शिक्षिका न तो समय पर स्कूल आती हैं, न ही बच्चों की पढ़ाई में रुचि लेती हैं। उनके व्यवहार को लेकर भी अभिभावकों ने असंवेदनशील और उपेक्षापूर्ण बताया है।
ग्रामीणों की मुख्य शिकायतें:
- शिक्षिका का विद्यालय में अनियमित आगमन
- बच्चों को पढ़ाने में रुचि की कमी
- अभिभावकों के साथ दुर्यव्यवहार
- बच्चों की शिक्षा पर नकारात्मक प्रभाव
कलेक्टर को सौंपा गया ज्ञापन:
गांव के सरपंच मंगलू राम साहू के नेतृत्व में ग्रामीणों ने जिला मुख्यालय पहुंचकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि यदि 16 जून तक शिक्षिका का स्थानांतरण नहीं किया गया, तो विद्यालय में तालाबंदी की जाएगी। ग्रामीणों का कहना है कि शासन-प्रशासन को बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का अधिकार नहीं है।
पूर्व शिक्षक को वापस लाने की मांग:
ग्रामीणों ने पहले से कार्यरत सहायक शिक्षक दयासागर जोशी को वापस स्कूल में पदस्थ करने की भी मांग की है। उनका कहना है कि जब से जोशी को युक्तियुक्तकरण के तहत हटाया गया है, तब से बच्चों की संख्या और पढ़ाई दोनों प्रभावित हुई हैं। जोशी की पढ़ाने की शैली और उपस्थिति से विद्यालय की गुणवत्ता में सुधार हुआ था।
ग्रामीणों की चेतावनी:
“यदि 16 जून तक कोई उचित निर्णय नहीं लिया गया, तो हम स्कूल में तालाबंदी करेंगे और इसके लिए पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।”
– ग्राम पंचायत दनिया
बच्चों के भविष्य की चिंता:
ग्राम दनिया के शासकीय प्राथमिक विद्यालय में कक्षा 1 से 5 तक कुल 38 विद्यार्थी पढ़ते हैं। ग्रामीणों का मानना है कि यदि ऐसे संवेदनहीन और अकर्मण्य शिक्षक स्कूल में रहेंगे, तो बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो जाएगा।
निष्कर्ष:
यह मामला सिर्फ एक शिक्षिका की शिकायत नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही की मांग का प्रतीक है। ग्रामीणों की सक्रियता और बच्चों के हित में उठाए गए कदम प्रशासन के लिए एक स्पष्ट संदेश हैं कि अब अनदेखी नहीं चलेगी।
