
19 सितम्बर 2026 //
बलौदाबाजार न्यूज़ धमाका – हाथियों की निगरानी के साथ अब ग्रामीणों को सीधे सूचना देने के लिए ‘गज रक्षक ऐप’ का इस्तेमाल किया जा रहा है, ऐप पर पंजीकृत लोगों को हाथियों की गतिविधि होने की स्थिति मोबाइल के जरिए मिलेगी।
जिले के बारनवापारा और सोनाखान वन क्षेत्रों में जंगली हाथियों की लगातार आवाजाही से ग्रामीण इलाकों में चिंता बनी हुई है। हाथियों के आबादी वाले क्षेत्रों के करीब पहुंचने से जहां लोगों की सुरक्षा को लेकर खतरा रहता है, वहीं किसानों की फसलों को भी नुकसान पहुंचने की आशंका बनी रहती है। ऐसे समय में वन विभाग तकनीक के जरिए ग्रामीणों तक समय पर सूचना पहुंचाने की व्यवस्था पर जोर दे रहा है।
करीब 30 हाथियों के दल पर वन विभाग की नजर
सोनाखान वन परिक्षेत्र समेत जिले के अलग-अलग जंगलों में इन दिनों हाथियों की गतिविधियां दर्ज की जा रही हैं। वन विभाग के अनुसार करीब 30 हाथियों का एक दल क्षेत्र में घूम रहा है। इसके अलावा कुछ हाथी झुंड से अलग होकर अकेले भी विचरण कर रहे हैं। हाथियों की लोकेशन पर वन अमले और हाथी मित्र दल की लगातार नजर बनी हुई है।
मोबाइल पर मिलेगा हाथियों की मौजूदगी का अलर्ट
हाथियों की निगरानी के साथ अब ग्रामीणों को सीधे सूचना देने के लिए ‘गज रक्षक ऐप’ का इस्तेमाल किया जा रहा है। ऐप पर पंजीकृत लोगों को उनके आसपास हाथियों की गतिविधि होने की स्थिति में मोबाइल के जरिए अलर्ट मिल सकता है। इससे ग्रामीणों को समय रहते सावधान होने और हाथियों के संभावित रास्ते से दूरी बनाए रखने में मदद मिलती है।
गांव-गांव पहुंचकर जागरूक कर रहा हाथी मित्र दल
वन विभाग की टीम और हाथी मित्र दल हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखने के साथ ग्रामीणों को भी लगातार जागरूक कर रहे हैं। लोगों को समझाया जा रहा है कि हाथियों के करीब जाने या उनके रास्ते में आने से बचें और वन क्षेत्र में उनकी मौजूदगी की सूचना मिलने पर अतिरिक्त सावधानी बरतें।
तकनीक से मजबूत हो रही मानव-हाथी संघर्ष रोकने की व्यवस्था
गज रक्षक ऐप के जरिए हाथियों की लोकेशन से जुड़ी जानकारी समय पर ग्रामीणों तक पहुंचने लगी है। इससे किसानों को खेतों में जाने से पहले स्थिति का अंदाजा लगाने और हाथियों की आवाजाही वाले इलाकों से बचने में मदद मिल सकती है। वहीं वन विभाग की मैदानी निगरानी व्यवस्था भी लगातार जारी है।
नुकसान होने पर मुआवजे का भी प्रावधान
हाथियों की वजह से फसल, मकान या अन्य संपत्ति को नुकसान होने की स्थिति में शासन के निर्धारित प्रावधानों के तहत मुआवजा देने की व्यवस्था है। फिलहाल हाथियों की बढ़ती सक्रियता के बीच गज रक्षक ऐप, वन विभाग की निगरानी और हाथी मित्र दल की जागरूकता मुहिम मिलकर ग्रामीणों तक खतरे की सूचना पहुंचाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।



